जैतखंभ जलाने वाला नकाबपोश आरोपी गिरफ्तार, रंजिश के चलते पवित्र स्थल को पहुँचाया था नुकसान

मुंगेली। छत्तीसगढ़ के मुंगेली जिले के लोरमी थाना क्षेत्र में धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाने और सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने की एक बेहद संवेदनशील कोशिश को पुलिस ने नाकाम कर दिया है।

ग्राम झझपुरी कला में पवित्र जैतखंभ को आग के हवाले करने वाले आरोपी राजेश साहू (35 वर्ष) को पुलिस ने मात्र 48 घंटों के भीतर गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया है। आरोपी की पहचान सीसीटीवी फुटेज और उसके द्वारा पहने गए विशिष्ट जैकेट के आधार पर की गई।
यह घटना 16 और 17 जनवरी 2026 की दरम्यानी रात की है। अज्ञात आरोपी ने ग्राम झझपुरी कला स्थित सतनामी समाज के आस्था के केंद्र जैतखंभ में केरोसिन डालकर आग लगा दी थी।
वारदात के समय आरोपी ने पहचान छिपाने के लिए चेहरे पर नकाब बांध रखा था। इस घटना से पूरे समाज और गांव में भारी आक्रोश फैल गया था। सतनामी समाज के प्रतिनिधियों ने पुलिस को आरोपी की गिरफ्तारी के लिए तीन दिन का अल्टीमेटम दिया था, लेकिन मुंगेली पुलिस ने समय सीमा से पहले ही गुत्थी सुलझा ली।
एसपी भोजराम पटेल के निर्देश पर गठित विशेष टीमों ने वैज्ञानिक तरीके से जांच शुरू की। जांच के दौरान पुलिस को निम्नलिखित महत्वपूर्ण सुराग मिले।घटनास्थल के पास स्थित एक मेडिकल स्टोर के सीसीटीवी कैमरे में एक संदिग्ध व्यक्ति नकाब पहनकर और जैकेट पहने हुए छुपते-छुपाते आता दिखाई दिया।
फुटेज में दिख रहे व्यक्ति के डील-डौल, चलने के तरीके और उसके कपड़ों (विशेषकर जैकेट) के आधार पर ग्रामीणों ने उसकी पहचान गांव के ही राजेश साहू के रूप में की। पुलिस ने आरोपी के घर से वारदात के समय पहने कपड़े, मिट्टी का तेल (केरोसिन) और माचिस जब्त की है।
पुरानी मारपीट का बदला लेने के लिए रची साजिश
पुलिस पूछताछ में आरोपी राजेश साहू ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया है। उसने बताया कि हाल ही में संपन्न एक जयंती कार्यक्रम के दौरान सतनामी समाज के कुछ लोगों ने उस पर शराब पीकर आने का आरोप लगाया था और उसके साथ मारपीट की थी। इसी अपमान का बदला लेने के लिए उसने समाज की आस्था के प्रतीक जैतखंभ को जलाने की साजिश रची थी।













