Government Sealed 250 Illegal Madrassas – 250 से अधिक अवैध मदरसे सील, 10 हजार एकड़ सरकारी जमीन से हटा अतिक्रमण,बताई यह वजह…..

Government Sealed 250 Illegal Madrassas/उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एक बार फिर अवैध अतिक्रमण और अवैध मदरसों के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए बड़ा खुलासा किया है। मुख्यमंत्री ने शनिवार, 17 जनवरी को जानकारी दी कि राज्य सरकार ने अब तक प्रदेश में 250 से अधिक अवैध मदरसों को सील करने की बड़ी कार्रवाई की है। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि प्रदेश में धार्मिक संरचनाओं के नाम पर कब्जाई गई 10 हजार एकड़ से अधिक सरकारी जमीन को भी अब अतिक्रमण मुक्त करा लिया गया है।

मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ के माध्यम से यह स्पष्ट संदेश दिया है कि उनकी सरकार राज्य के मूल स्वरूप और ‘देवभूमि’ की सांस्कृतिक पहचान की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
अपने पोस्ट में मुख्यमंत्री ने चिंता जताते हुए कहा कि इन अवैध मदरसों में नियमों के विरुद्ध जाकर कट्टरपंथी शिक्षा दी जा रही थी, जो राज्य की शांति और सुरक्षा के लिए गंभीर चिंता का विषय था। उन्होंने जोर देते हुए लिखा कि देवभूमि की संस्कृति, सामाजिक संतुलन और कानून व्यवस्था के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।
सरकार का यह कदम राज्य की विरासत को सहेजने और सरकारी संपत्तियों पर अवैध कब्जे को हटाने की दिशा में एक निर्णायक प्रहार माना जा रहा है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि उत्तराखंड की विशिष्ट सांस्कृतिक पहचान को बनाए रखना उनकी प्राथमिकता है।
देवभूमि उत्तराखंड की अपनी विशिष्ट सांस्कृतिक पहचान है। इस विरासत को सहेजने और राज्य के मूल स्वरूप को बनाए रखने के लिए हमारी सरकार पूरी प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है।
इसी क्रम में धार्मिक संरचनाओं के नाम पर 10 हजार एकड़ से अधिक सरकारी भूमि पर किए गए अवैध अतिक्रमण को हटाया गया… pic.twitter.com/uYGL2R1fII
— Pushkar Singh Dhami (@pushkardhami) January 17, 2026
यह पहली बार नहीं है जब धामी सरकार ने इस तरह के कड़े कदम उठाए हैं। इससे पहले अक्टूबर 2025 में भी मुख्यमंत्री ने रुड़की में एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान अवैध निर्माणों के खिलाफ अभियान की जानकारी साझा की थी। उस समय तक प्रशासन ने करीब 9 हजार एकड़ सरकारी जमीन को खाली कराया था और 500 से अधिक अवैध निर्माणों को ध्वस्त किया गया था। अब नवीनतम आंकड़ों के अनुसार यह आंकड़ा बढ़कर 10 हजार एकड़ के पार पहुँच गया है, जो शासन की निरंतर सक्रियता और जीरो टॉलरेंस की नीति को दर्शाता है।
राज्य सरकार की इस कार्रवाई से अवैध गतिविधियों में लिप्त लोगों के बीच हड़कंप मचा हुआ है। मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद प्रशासन ने शेष अवैध ढांचों और अतिक्रमणों की पहचान करने के लिए अपनी मुहिम और तेज कर दी है।














