gold silver price-चांदी की कीमतों में ऐतिहासिक गिरावट, सोने के भाव भी धड़ाम; जानिए क्या हैं इसके पीछे के बड़े कारण

चांदी की कीमतें लगातार तीसरे दिन तेजी से गिरीं। सोमवार को राष्ट्रीय राजधानी के सर्राफा बाजार में यह 52,000 रुपये टूटकर 2.60 लाख रुपये प्रति किलोग्राम रह गई, जबकि कमजोर वैश्विक रुझानों और मजबूत डॉलर के बीच सोना टूटकर 1.52 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम रह गया। अखिल भारतीय सर्राफा संघ के अनुसार, चांदी 52,000 रुपये, या लगभग 17 प्रतिशत टूटकर 2,60,000 रुपये प्रति किलोग्राम (सभी कर सहित) रह गई। शनिवार को, चांदी 19 प्रतिशत, या 72,500 रुपये गिरकर 3.12 लाख रुपये प्रति किलोग्राम रह गई थी।

gold silver price-राष्ट्रीय राजधानी के सर्राफा बाजार में सोमवार को सोने और चांदी की कीमतों में ऐसी गिरावट देखी गई जिसने निवेशकों और खरीदारों दोनों को हैरान कर दिया है। लगातार तीसरे दिन जारी इस गिरावट के बीच चांदी की कीमत ₹52,000 टूटकर ₹2.60 लाख प्रति किलोग्राम के स्तर पर आ गई।

gold silver price-यह गिरावट लगभग 17 प्रतिशत की रही, जिसने पिछले तीन सत्रों के भीतर चांदी को ₹4.04 लाख के रिकॉर्ड उच्च स्तर से करीब 36 प्रतिशत नीचे धकेल दिया है। इसी तरह, सोने की चमक भी फीकी पड़ी है और 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाला सोना ₹12,800 की भारी गिरावट के साथ ₹1,52,700 प्रति 10 ग्राम पर आ गया है। पिछले तीन दिनों में सोने की कीमतों में भी लगभग ₹30,300 यानी 17 प्रतिशत की बड़ी कमी दर्ज की गई है।

बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, कीमती धातुओं की कीमतों में आई इस ‘सुनामी’ के पीछे वैश्विक और घरेलू दोनों ही कारक जिम्मेदार हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की शुल्क वार्ताओं के बीच अंतरराष्ट्रीय बाजार में डॉलर का मजबूत होना एक मुख्य कारण माना जा रहा है।

gold silver price-साथ ही, अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव में कमी आने के संकेतों ने भी सुरक्षित निवेश के रूप में सोने-चांदी के प्रति निवेशकों के आकर्षण को कम किया है। इसके अलावा, अमेरिका में केविन वार्श को अगले फेडरल रिजर्व चेयरमैन के रूप में नामित किए जाने के बाद निवेशकों ने बड़े पैमाने पर मुनाफावसूली की, जिससे बिकवाली का भारी दबाव बना।

घरेलू मोर्चे पर, केंद्रीय बजट 2026-27 ने भी बाजार की उम्मीदों को झटका दिया। सर्राफा बाजार को उम्मीद थी कि सरकार सोने और चांदी के आयात शुल्क (Import Duty) में कटौती कर सकती है, लेकिन बजट में कोई बदलाव न किए जाने से कीमतों को ऊपर ले जाने वाला एक बड़ा कारण खत्म हो गया।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी मंदी का रुख बना हुआ है, जहां हाजिर सोना 1.72 प्रतिशत की गिरावट के साथ 4,781.60 डॉलर प्रति औंस और चांदी 1.42 प्रतिशत गिरकर 83.49 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रही थी।

gold silver price-अखिल भारतीय सर्राफा संघ के आंकड़ों से पता चलता है कि 29 जनवरी को सोना और चांदी दोनों अपने ऐतिहासिक शिखर पर थे, लेकिन उसके बाद से शुरू हुई बिकवाली ने कीमतों को काफी नीचे ला दिया है।

विश्लेषकों का कहना है कि डॉलर की मजबूती और वैश्विक भू-राजनीतिक स्थितियों में बदलाव के कारण आने वाले कुछ दिनों तक बाजार में इसी तरह की अस्थिरता बनी रह सकती है। 

Shri Mi

पत्रकारिता में 8 वर्षों से सक्रिय, इलेक्ट्रानिक से लेकर डिजिटल मीडिया तक का अनुभव, सीखने की लालसा के साथ राजनैतिक खबरों पर पैनी नजर

Related Articles