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CG News- झोलाछाप डॉक्टर के इंजेक्शन से 60 वर्षीय व्यक्ति की मौत, परिजनों का हंगामा

कोंडागांव। जिले में एक झोलाछाप डॉक्टर की कथित लापरवाही से 60 वर्षीय व्यक्ति की मौत हो गई है, जिसके बाद परिजनों और स्थानीय समाज में भारी आक्रोश है। रविवार को मृतक के परिजनों ने कोंडागांव कोतवाली थाना के सामने जमकर हंगामा किया और आरोपी की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की। पुलिस ने हंगामे के बीच आरोपी फर्जी डॉक्टर को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।

जानकारी के अनुसार, आडक़ाछेपड़ा वार्ड निवासी बाला राम बंजारे (60) को गले में मामूली टॉन्सिल की शिकायत थी। वह इलाज के लिए कलेक्टर कार्यालय के सामने क्लीनिक चलाने वाले निखिल सिकदार नामक व्यक्ति के पास पहुंचे। सिकदार ने बाला राम को एक इंजेक्शन लगाया, जिसके तुरंत बाद उनकी हालत बिगड़ने लगी। उनके मुंह से झाग निकलने लगा और जिला अस्पताल ले जाते समय रास्ते में ही उनकी मौत हो गई।

मृतक के परिजन दिनेश बंजारे और विशाल बंजारे ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि निखिल सिकदार कई सालों से खुलेआम झोलाछाप डॉक्टरी का धंधा चला रहा था।

उन्होंने बताया कि सिकदार की पत्नी स्वास्थ्य विभाग में एएनएम के पद पर कार्यरत है और उनके निवास पर एक उप स्वास्थ्य केंद्र भी संचालित होता रहा है, जिसकी आड़ में सिकदार लंबे समय से अवैध रूप से मरीजों का इलाज कर रहा था। परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि इस संबंध में पहले भी कई बार शिकायतें की गई थीं, लेकिन कोई कार्रवाई न होने के कारण उसका हौसला बढ़ता चला गया।

एक वीडियो में निखिल सिकदार कैमरे के सामने यह स्वीकार करते हुए दिख रहा है कि उसने ही बाला राम बंजारे को इंजेक्शन लगाया था।

उसने यह भी कबूल किया कि उसके पास डॉक्टरी करने का कोई वैध लाइसेंस या सरकारी अनुमति नहीं है। परिजनों ने शाम 6 बजे का एक और वीडियो जारी किया है, जिसमें बाला राम बंजारे पूरी तरह स्वस्थ दिख रहे हैं और समाज के लोगों के साथ मूवी देखने गए थे, जिससे यह साबित होता है कि इंजेक्शन लगने के बाद ही उनकी तबीयत बिगड़ी।

इस घटना के बाद रविवार को परिजनों और समाज के लोगों ने कोतवाली थाना के सामने जोरदार प्रदर्शन किया। वे आरोपी निखिल सिकदार की तत्काल गिरफ्तारी और पीड़ित परिवार के लिए मुआवजे की मांग कर रहे थे। हंगामे को देखते हुए पुलिस ने फर्जी डॉक्टर निखिल सिकदार को हिरासत में ले लिया है और उससे पूछताछ की जा रही है। हालांकि, पुलिस ने अभी तक उनकी आधिकारिक गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं की है और न ही मीडिया को इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान दिया गया है।

Shri Mi

पत्रकारिता में 8 वर्षों से सक्रिय, इलेक्ट्रानिक से लेकर डिजिटल मीडिया तक का अनुभव, सीखने की लालसा के साथ राजनैतिक खबरों पर पैनी नजर

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