CG Dhan Kharidi Date Extended:अन्नदाताओं को साय सरकार की बड़ी सौगात: 5 फरवरी तक बढ़ी धान खरीदी की तारीख
छत्तीसगढ़ के लाखों अन्नदाताओं के लिए आज का दिन बड़ी राहत लेकर आया है। राज्य सरकार ने धान खरीदी की अंतिम तिथि को लेकर जारी सस्पेंस को खत्म करते हुए किसानों के हित में एक बड़ा फैसला लिया है। अब वे किसान जो किन्हीं कारणों से 31 जनवरी तक अपनी उपज नहीं बेच पाए थे, उन्हें सरकार ने दो दिनों का अतिरिक्त अवसर प्रदान किया है।

CG Dhan Kharidi Date Extended।रायपुर: छत्तीसगढ़ में धान खरीदी महापर्व को लेकर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने एक बेहद संवेदनशील और महत्वपूर्ण निर्णय लिया है।
CG Dhan Kharidi Date Extended।प्रदेश के किसानों की मांग और उनकी जरूरतों को समझते हुए सरकार ने धान खरीदी की समय-सीमा को 5 फरवरी 2026 तक बढ़ाने का ऐलान किया है।
मुख्यमंत्री के इस फैसले से उन हजारों किसानों के चेहरे खिल उठे हैं, जो तकनीकी दिक्कतों या लंबी कतारों के कारण निर्धारित अंतिम तिथि (31 जनवरी) तक अपना धान केंद्रों पर नहीं पहुँचा सके थे।
विपक्षी दलों और किसान संगठनों की ओर से लगातार यह मांग उठाई जा रही थी कि एग्रीस्टैक पोर्टल की तकनीकी खामियों और बड़ी संख्या में टोकन पेंडिंग होने की वजह से कई किसान अपनी उपज बेचने से वंचित रह गए हैं। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस पर संज्ञान लेते हुए स्पष्ट किया कि सरकार किसानों के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
CG Dhan Kharidi Date Extended।मुख्यमंत्री ने कहा, “हमारा संकल्प किसान के पसीने की एक-एक बूंद की कीमत चुकाना है। जिन किसानों का धान किसी कारणवश तय समय सीमा में नहीं खरीदा जा सका था, वे अब अगले दो दिनों में सम्मान के साथ अपनी उपज बेच सकेंगे।”
शासन द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार, यह विशेष छूट उन किसानों के लिए है जो पहले से पंजीकृत हैं लेकिन 31 जनवरी तक धान नहीं बेच पाए थे।जिनके पास टोकन उपलब्ध था लेकिन समय समाप्त होने के कारण उनकी खरीदी नहीं हो सकी।
तकनीकी कारणों या रकबा सुधार की प्रक्रिया में फंसे होने के कारण देरी का शिकार हुए।
खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में छत्तीसगढ़ सरकार ने 160 लाख मीट्रिक टन धान खरीदी का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है। ताजा आंकड़ों के अनुसार अब तक करीब 25 लाख से अधिक किसानों ने अपना धान बेचा है।किसानों को 29,597 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान सीधे उनके बैंक खातों में किया जा चुका है।31 जनवरी तक करीब 140 लाख मीट्रिक टन धान का उपार्जन किया जा चुका है।









