Bihar Assembly Election 2025-दलबदल का खेल तेज, एक दर्जन और विधायकों के पाला बदलने का दावा!

Bihar Assembly Election 2025/पटना: बिहार में विधानसभा चुनाव नजदीक आते ही सियासी गलियारों में हलचल तेज हो गई है। नैतिकता और विचारधारा को दरकिनार कर मौकापरस्ती का दौर शुरू हो गया है, जहां नेता अपने राजनीतिक भविष्य को साधने के लिए दल बदल रहे हैं और पुराने दलों पर तीखे हमले बोल रहे हैं। यह सब चुनावी रणभेदी में जीत सुनिश्चित करने की कवायद का हिस्सा है।
इसी क्रम में पूर्णिया से जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के दो बार के सांसद रहे संतोष कुशवाहा ने शुक्रवार को राष्ट्रीय जनता दल (राजद) का दामन थाम लिया। माना जा रहा है कि राजद उन्हें पूर्णिया जिले की किसी विधानसभा सीट से उम्मीदवार बना सकती है।
Bihar Assembly Election 2025/ कुशवाहा ने 2014 और 2019 के लोकसभा चुनावों में जदयू के टिकट पर जीत हासिल की थी, लेकिन 2024 के लोकसभा चुनाव में वे निर्दलीय उम्मीदवार पप्पू यादव से हार गए थे। उन्होंने अपनी हार के लिए स्थानीय भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और जदयू नेताओं को जिम्मेदार ठहराया था और तब यह कहकर सुर्खियां बटोरी थीं कि ‘राज्य पार्टी अध्यक्ष की स्थिति अब मात्र एक चौकीदार जैसी रह गई है।’
संतोष कुशवाहा के अलावा, जदयू के पूर्व विधायक राहुल शर्मा भी राजद में शामिल हो गए हैं। राहुल शर्मा 2015 से ही मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से नाराज बताए जा रहे थे। अटकलें हैं कि उन्हें जहानाबाद जिले की घोसी सीट से राजद उम्मीदवार बना सकती है। खगड़िया जिले की परबत्ता सीट से जदयू विधायक डॉ. संजीव कुमार सिंह ने भी पिछले सप्ताह राजद का दामन थाम लिया था। उन्होंने नीतीश सरकार को “बिहार के इतिहास की सबसे भ्रष्ट सरकारों में से एक” करार दिया था। हालांकि, जदयू सूत्रों का कहना है कि सिंह के दल बदलने की असली वजह उनकी सीट पर उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के भाई को टिकट मिलने की संभावना थी।
Bihar Assembly Election 2025/जहां एक ओर जदयू के नेता राजद का रुख कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर भाजपा प्रदेश इकाई के अध्यक्ष डॉ. दिलीप जायसवाल ने शुक्रवार को दावा किया कि “अभी महागठबंधन के एक दर्जन विधायक पाला बदलने को तैयार बैठे हैं और हमारे संपर्क में हैं।” यानी, यह दलबदल का खेल दोनों प्रमुख गठबंधनों के बीच जारी है।
Bihar Assembly Election 2025/इस बीच, दोनों प्रमुख गठबंधनों, राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) और महागठबंधन के बीच सीट बंटवारे को लेकर बैठकों का दौर तेज हो गया है। हालांकि, अभी तक किसी भी पक्ष ने अंतिम फार्मूला घोषित नहीं किया है।
भाजपा की चुनाव समिति के सदस्य और प्रवक्ता प्रेम रंजन पटेल ने बताया, “बैठकें लगभग पूरी हो चुकी हैं, सीट बंटवारे की अंतिम घोषणा दिल्ली में शनिवार को होगी। इससे पहले नेताओं के आने-जाने का सिलसिला चलता रहेगा।”
सूत्रों के अनुसार, राजद गठबंधन में “एक मामूली अड़चन” शेष है क्योंकि मुकेश सहनी की विकासशील इंसान पार्टी और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी-लेनिनवादी) अधिक सीटों की मांग कर रही हैं। वहीं, भाजपा सूत्रों के मुताबिक, राजग की सीट-बंटवारे की बातचीत दिल्ली में अंतिम चरण में है। उन्होंने बताया कि चिराग पासवान ने अपनी शुरुआती 40 सीटों की मांग घटाकर लगभग 25 सीटों पर सहमति जता दी है। इस विषय पर केंद्रीय मंत्री नित्यानंद राय और चुनाव प्रभारी पिछले दो-तीन दिन से चिराग पासवान के साथ बैठक कर रहे थे।
बिहार में विधानसभा चुनाव के लिए मतदान छह और 11 नवंबर को होगा, जबकि मतगणना 14 नवंबर को की जाएगी। ऐसे में आने वाले दिन बिहार की सियासत में और भी ज्यादा उथल-पुथल भरे होने की संभावना है।









