8th Pay Commission: सरकारी कर्मचारियों के लिए बड़ा अपडेट, व्यय सचिव ने बताया बजट में क्यों नहीं हुआ प्रावधान और कब बढ़ेगी सैलरी
देश के व्यय सचिव की ओर से आठवें वेतन आयोग को लेकर अहम जानकारी दी है. उन्होंने अपडेट दिया है कि आखिर आयोग का काम किस फेज में चल रहा है. साथ उन्होंने ये भी जानकारी दी है कि आयोग को बजट में जगह मिली है या नहीं. आइए आपको भी बताते हैं कि आखिर उन्होंने क्या जानकारी दी है.

8th Pay Commission।नई दिल्ली: केंद्रीय बजट 2026 में आठवें वेतन आयोग के लिए कोई विशेष फंड आवंटित न होने से कर्मचारियों के बीच उपजी आशंकाओं पर सरकार ने विराम लगा दिया है।
व्यय सचिव वी. वुअलनाम ने मंगलवार को एक महत्वपूर्ण बयान में कहा कि आठवें वेतन आयोग का गठन जनवरी 2026 में ही किया गया है और अभी सदस्य अपनी टीम बनाने और डेटा विश्लेषण के प्रारंभिक दौर में हैं। यही कारण है कि इस बजट में इसके लिए कोई वित्तीय प्रावधान नहीं रखा गया है।
वेतन आयोग की स्थिति: 18 महीने का है समय।8th Pay Commission
सचिव ने स्पष्ट किया कि आयोग को अपनी रिपोर्ट तैयार करने के लिए 18 महीने की समय-सीमा दी गई है। आयोग कर्मचारियों की वेतन संरचना, देश की आर्थिक स्थिति और विभिन्न मांगों का गहराई से अध्ययन करेगा।
- प्रभावी तारीख: भले ही रिपोर्ट आने में समय लगे, लेकिन आयोग की सिफारिशें 1 जनवरी, 2026 से ही प्रभावी मानी जा सकती हैं।
- गणना का अभाव: वुअलनाम ने कहा कि अभी काम इतना शुरुआती है कि इसके वित्तीय प्रभाव (जैसे कितना एरियर या कितनी बढ़ोतरी होगी) के बारे में कोई सटीक गणना नहीं की गई है।
राजकोषीय घाटा और अर्थव्यवस्था का संतुलन
बजट के गणित पर बात करते हुए सचिव ने कहा कि सरकार अब कर्ज-जीडीपी अनुपात (Debt-to-GDP Ratio) को एक मार्गदर्शक सिद्धांत के रूप में अपना रही है।
- लक्ष्य: सरकार का लक्ष्य है कि साल 2030 तक इस अनुपात को 50% (±1%) के स्तर पर लाया जाए।
- वित्तीय अनुशासन: वित्त वर्ष 2026-27 के लिए राजकोषीय घाटे (Fiscal Deficit) का लक्ष्य 4.3% रखा गया है। सचिव ने भरोसा दिलाया कि भले ही हम कर्ज-जीडीपी अनुपात पर ध्यान दे रहे हैं, लेकिन राजकोषीय घाटे पर नजर रखना बंद नहीं करेंगे क्योंकि ये दोनों आपस में जुड़े हुए हैं।
इंटर्नशिप योजना और बजट के आंकड़े।8th Pay Commission
बजट में युवाओं के लिए घोषित इंटर्नशिप योजना पर उन्होंने कहा कि यह एक नवोन्मेषी (Innovative) कदम है। इसमें उद्योग जगत की भागीदारी अहम है। मंत्रालय वर्तमान में उद्योग जगत के साथ तालमेल बिठा रहा है और जल्द ही इस योजना में तेजी आएगी।
बजट 2026-27 की झलक:
- कुल बजट: ₹53.5 लाख करोड़ (पिछले साल से 7.7% अधिक)।
- पूंजीगत व्यय (Capex): ₹12.2 लाख करोड़।
- जीडीपी वृद्धि अनुमान: 10% (नॉमिनल)।



