Who is Naman Tiwari-किराये के मकान से IPL के करोड़पति क्लब तक, 145kmph की रफ्तार से गदर मचाने वाले लखनऊ के ‘नमन’ की प्रेरक कहानी
पिछले साल वैभव सूर्यवंशी तो इस बार कार्तिक शर्मा और प्रशांत वीर. लगातार दो आईपीएल ऑक्शन में कुछ युवा और नए खिलाड़ियों ने सबसे ज्यादा चर्चा बटोरी. वैभव सूर्यवंशी जहां 13 साल की उम्र में ऑक्शन में खरीदे गए सबसे युवा खिलाड़ी बने तो आईपीएल 2026 ऑक्शन में प्रशांत और कार्तिक सबसे महंगे अनकैप्ड खिलाड़ी बने. मगर इनके अलावा भी कुछ नए और अनजान युवा चेहरों पर इस बार ऑक्शन में टीमें मेहरबान रहीं, जो इस बार IPL में अपनी छाप छोड़ने को बेकरार होंगे. ऐसा ही एक नाम है- नमन तिवारी.

Who is Naman Tiwari/भारतीय क्रिकेट में प्रतिभाओं की कमी नहीं है और हर साल आईपीएल की नीलामी कुछ ऐसे चेहरों को दुनिया के सामने लाती है, जो अपनी मेहनत और रफ्तार से सबका दिल जीत लेते हैं। पिछले साल जहां वैभव सूर्यवंशी ने 13 साल की उम्र में सुर्खियां बटोरी थीं, वहीं आईपीएल 2026 की नीलामी में लखनऊ के 20 वर्षीय तेज गेंदबाज नमन तिवारी एक ऐसा नाम बनकर उभरे हैं, जिनके लिए बड़ी टीमों के बीच होड़ मच गई।

Who is Naman Tiwari/16 दिसंबर को अबू धाबी में जब नमन का नाम पुकारा गया, तो दिल्ली कैपिटल्स और राजस्थान रॉयल्स ने उन पर दिलचस्पी दिखाई, लेकिन अंत में लखनऊ सुपर जायंट्स ने 1 करोड़ रुपये की सफल बोली लगाकर अपने शहर के इस ‘लोकल हीरो’ को टीम में शामिल कर लिया। महज 30 लाख रुपये के बेस प्राइस वाले नमन के लिए उनके घर की टीम ने तीन गुना से भी ज्यादा रकम खर्च की, जिसके पीछे उनकी कातिलाना गेंदबाजी और संघर्ष की एक लंबी दास्तां छिपी है।
Who is Naman Tiwari/नमन तिवारी की सबसे बड़ी ताकत उनकी बिजली जैसी रफ्तार है। महज 20 साल की उम्र में वह लगातार 140 से 145 किलोमीटर प्रतिघंटा की गति से गेंदबाजी करने का माद्दा रखते हैं, जो भारतीय पिचों पर बल्लेबाजों के लिए किसी डरावने सपने जैसा है।
Who is Naman Tiwari/नमन ने अपनी प्रतिभा का लोहा 2024 के अंडर-19 वर्ल्ड कप में मनवाया था, जहां वह भारतीय टीम के सबसे सफल गेंदबाज रहे और टूर्नामेंट में कुल 12 विकेट झटके। हाल ही में संपन्न हुई यूपी टी20 लीग में भी उन्होंने अपनी धार का प्रदर्शन करते हुए 16 की शानदार औसत से 19 विकेट लिए।
लखनऊ सुपर जायंट्स के लिए नमन कोई नया चेहरा नहीं थे; वे पिछले दो सीजन से इस फ्रेंचाइजी के साथ बतौर नेट बॉलर जुड़े हुए थे। इसी दौरान उन्हें भारतीय दिग्गज जहीर खान का साथ मिला, जिन्होंने नमन की गेंदबाजी में ‘इनस्विंग’ का पैनापन भरा, जो अब उनकी सबसे बड़ी विशेषता बन गई है।
लखनऊ के गोमती नगर में पले-बढ़े नमन के क्रिकेटर बनने का सफर आसान नहीं था। क्रिकेट की शुरुआत तो उन्होंने एक बल्लेबाज बनने के लिए की थी, लेकिन जब उन्हें बल्लेबाजी का पर्याप्त मौका नहीं मिलता था, तो उन्होंने गेंद थाम ली और दुनिया का सबसे तेज गेंदबाज बनने की ठान ली।
उनकी इस रफ्तार की पहली झलक 2021 में मिली, जब राजस्थान रॉयल्स द्वारा आयोजित एक टैलेंट हंट कॉन्टेस्ट में 16 साल के नमन ने 135 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार निकालकर सबको हैरान कर दिया और विजेता बने। इस सफलता ने उन्हें ट्रेंट बोल्ट और लसिथ मलिंगा जैसे दिग्गजों के साथ वक्त बिताने और सीखने का सुनहरा अवसर प्रदान किया।
नमन के जीवन में क्रिकेट महज एक खेल नहीं, बल्कि अपने परिवार को मुश्किलों से बाहर निकालने का जरिया बना। जब वे केवल 12 साल के थे, तब उनके पिता को दिल का दौरा पड़ा और उनकी ठेकेदारी की नौकरी छूट गई। आर्थिक तंगी के बीच पिता ने बीमा एजेंट का काम शुरू किया, लेकिन घर चलाना चुनौतीपूर्ण था। किराए के मकान में रहने वाले इस परिवार की उम्मीदें छोटे से नमन पर टिकी थीं। नमन ने इस जिम्मेदारी को समझा और खेल के प्रति अपनी गंभीरता बढ़ा दी। उन्होंने उत्तर प्रदेश की अंडर-14 से लेकर अंडर-19 तक की हर सीढ़ी अपनी मेहनत से चढ़ी और कूच बेहार ट्रॉफी में शानदार प्रदर्शन कर चयनकर्ताओं का ध्यान खींचा।
अंडर-19 वर्ल्ड कप की सफलता के बाद नमन ने सबसे पहले अपने परिवार के लिए लखनऊ में एक नया घर खरीदा, जिससे उनके माता-पिता का किराये के मकान में रहने का सालों पुराना संघर्ष खत्म हुआ।
आज पूरा परिवार नमन के अपनी मेहनत से बनाए गए घर में रहता है। अब आईपीएल 2026 के मंच पर नमन तिवारी की नजरें अपनी गति और जहीर खान से सीखी हुई कलाकारी को दुनिया के सामने पेश करने पर टिकी हैं। लखनऊ सुपर जायंट्स के लिए खेलते हुए वे न केवल अपने शहर का मान बढ़ाना चाहते हैं, बल्कि शानदार प्रदर्शन के दम पर सीनियर भारतीय टीम के दरवाजे खटखटाने के लिए भी पूरी तरह तैयार हैं।








