Education Minister Gajendra Yadav ने गुजरात के विद्या समीक्षा केंद्र का किया निरीक्षण

गांधीनगर।स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव (Education Minister Gajendra Yadav) ने अपने गुजरात प्रवास के दौरान गांधीनगर स्थित विद्या समीक्षा केंद्र का निरीक्षण किया।

निरीक्षण के दौरान उन्होंने गुजरात सरकार द्वारा शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने और विद्यार्थियों की प्रगति पर निगरानी रखने के लिए अपनाई जा रही आधुनिक तकनीकों और नवाचारों की जानकारी ली।
गुजरात के अधिकारियों ने मंत्री श्री यादव को विस्तार से बताया कि किस प्रकार इस केंद्र के माध्यम से विद्यालयों की निरंतर निगरानी, शिक्षकों की उपस्थिति, कक्षाओं की नियमितता और शैक्षणिक योजनाओं के क्रियान्वयन की सटीक और त्वरित जानकारी मिलती है।
डाटा आधारित विश्लेषण से शिक्षा व्यवस्था अधिक पारदर्शी और परिणामोन्मुखी बन रही है। इस अवसर पर सचिव सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी, संचालक लोक शिक्षण ऋतुराज रघुवंशी सहित गुजरात और छत्तीसगढ़ से आये वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
निरीक्षण के दौरान श्री यादव ने कहा कि गुजरात सरकार द्वारा शिक्षा व्यवस्था को तकनीक से जोड़ने का जो अभिनव प्रयास किया गया है वह प्रशंसनीय है। उन्होंने यह भी कहा कि छत्तीसगढ़ में शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ और आधुनिक बनाने के लिए इस तरह के मॉडलों का अध्ययन कर, उन्हें राज्य में लागू करने पर गंभीरता से विचार किया जाएगा।
अपने प्रवास के दौरान शिक्षा मंत्री ने पुंद्राशन प्राथमिक शाला, गांधीनगर का भी निरीक्षण किया। यहाँ बच्चों को तकनीक-आधारित स्मार्ट क्लास और डिजिटल लर्निंग टूल्स के माध्यम से पढ़ाया जा रहा था।
मंत्री श्री यादव ने कक्षा में चल रहे शिक्षण कार्य को ध्यानपूर्वक देखा और शिक्षकों से शिक्षण पद्धतियों के बारे में चर्चा की। उन्होंने बच्चों से आत्मीय बातचीत की और उनकी पढ़ाई से जुड़े अनुभवों के बारे में जानकारी ली। बच्चे उत्साहपूर्वक तकनीक के प्रयोग से सीखने के अपने अनुभव साझा करते रहे। शिक्षकों ने मंत्री को बताया कि डिजिटल शिक्षण पद्धति से विद्यार्थियों की समझ और सीखने की गति में उल्लेखनीय सुधार आया है।
मंत्री श्री यादव ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार शिक्षा को बेहतर बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। बच्चों की सीखने की क्षमता बढ़ाने, विद्यालय संचालन में पारदर्शिता लाने और शैक्षणिक योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए डिजिटल तकनीक और नवाचारों को प्राथमिकता दी जा रही है।
गुजरात का यह मॉडल निश्चित रूप से छत्तीसगढ़ के लिए प्रेरणास्रोत बनेगा और इसके अनुरूप सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे। मंत्री श्री यादव ने गुजरात सरकार और शिक्षा विभाग के अधिकारियों को उनके सहयोग और प्रस्तुतीकरण के लिए धन्यवाद दिया और विश्वास व्यक्त किया कि दोनों राज्यों के बीच शिक्षा के क्षेत्र में अनुभवों का आदान-प्रदान विद्यार्थियों और शिक्षकों के हित में बड़े सकारात्मक बदलाव लाएगा।














