अब नहीं लगेगा ई-रिक्शा चालकों के लिए व्यावसायिक वाहन चालन का लायसेंस

bhaiyalal ♦ई-रिक्शा के लिए मिलेगा एकमुश्त पचास हजार रूपए का अनुदान
रायपुर-
राज्य शासन ने ई-रिक्शा चालकों के लिए आर.टी.ओ. से व्यावसायिक लायसेंस लेने की अनिवार्यता को समाप्त कर दिया है। अब प्रदेश में ई-रिक्शा चालकों को आर.टी.ओ. से व्यावसायिक लायसेंस नहीं लेना पड़ेगा। श्रम मंत्री भईया लाल राजवाड़े की अध्यक्षता में 19 सितम्बर 2017 को मंत्रालय (महानदी भवन) में संपन्न छत्तीसगढ़ असंगठित कर्मकार राज्य सामाजिक सुरक्षा मंडल की बैठक में ई-रिक्शा चालकों के लिए आर.टी.ओ. से व्यावसायिक लायसेंस लेने की अनिवार्यता को समाप्त करने निर्णय लिया गया था। मंडल द्वारा प्रदेश के असंगठित कर्मकारांे को ई-रिक्शा सहायता योजना के तहत एकमुश्त पचास हजार रूपये अनुदान देने का भी निर्णय लिया गया था।ई-रिक्शा सहायता योजना के तहत ई-रिक्शा खरीदने वाले हितग्राहियों को अब एकमुश्त 50 हजार रूपए का अनुदान मिलेगा। योजना के तहत अनुदान राशि छत्तीसगढ़ असंगठित कर्मकार राज्य सामाजिक सुरक्षा मंडल द्वारा दी जाएगी।

योजना के तहत हितग्राही को दस हजार रूपये उन्हें स्वयं को खर्च करना होगा और शेष राशि बैंक से ऋण लेना होगा। बैंक द्वारा हितग्राही को ऋण स्वीकृत करने एवं हितग्राही का अंशदान जमा होने संबंधी दस्तावेज प्रस्तुत करने पर मंडल द्वारा हितग्राही के खातेे में अनुदान राशि जमा करा दी जाएगी। सहायता के लिए आवेदक की आयु 18 से 50 वर्ष होनी चाहिए। हितग्राही को सहायता के लिए छत्तीसगढ़ असंगठित कर्मकार राज्य सामाजिक सुरक्षा मंडल में पंजीयन कराना जरूरी है। ई-रिक्शा खरीदने के इच्छुक आवेदक अपना आवेदन संबंधित क्षेत्र के सहायक श्रमायुक्त, श्रम पदाधिकारी के कार्यालय में जमा करा सक्ते हैं ।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may use these HTML tags and attributes: <a href="" title=""> <abbr title=""> <acronym title=""> <b> <blockquote cite=""> <cite> <code> <del datetime=""> <em> <i> <q cite=""> <strike> <strong>