धूल से परेशान नगरवासी..कांग्रेस नेता शैलेन्द्र ने कहा…घर-घर बांटेंगे मास्क….

बिलासपुर—गांधी चौक से तारबाहर सड़क खुदाई के बाद क्षेत्र के लोग धूल से भारी परेशान हैं। लोगों में भयंकर आक्रोश भी है। खासतौर पर व्यापारियों की हालत धूल से पस्त है। क्षेत्र में यातायात व्यवस्था चरमरा गयी है। लोगों की शिकायत है कि धूल ने अन्दर और बाहर एक कर दिया है। सफाई अभियान का नारा देने वालों ने ही धूल खाने को मजबूर कर दिया है।

               गांधी चौक से तारबाहर चौक के बीच निर्माण के कारण सड़कों को खोद दिया गया है।  तीन दिन बाद काम शुरू हुआ लेकिन कुछ देर बाद सभी वर्कर काम छोड़कर नदारद हो गए। जिसके चलते क्षेत्र में भयंकर धूल के बादल हैं। सड़क से गुजरने वालों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। खासतौर पर स्थानीय और व्यापारी वर्ग बहुत परेशान हैं। दिन भर दुकान और घरों में झाडू लगाकर थक गए हैं। विश्वविद्यालय पर भी धूल की चादर च़ढ़ गयी है।

                      मालूम हो कि तारबाहर से गांधी चौक तक की सड़क को नए सिरे से तैयार किया जा रहा है। सड़क निर्माण में कुल 4 करो़ड़ 93 लाख की बजट है। पिछले तीन दिनों से खुदाई के बाद सड़क निर्माण कार्य बंद है। लोगों को आवाजाही में भारी परेशानी हो रही है। लोग धूल के चलते सर्दी खांसी से परेशान हैं।

          लगातार शिकायत के बाद एक दिन पहले लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता अशोक मंथाना ने सड़क का जायजा लिया। स्थिति को देखते अशोक मंथाना भड़क गए। अधिकारियों को फटकार लगाते हुए कहा कि काम नहीं करना है तो नया ठिकाना तलाशे। फटकार के बाद इंजीनियर सक्रिय तो हुए लेकिन दूसरे दिन सारी सक्रियता गायब हो गयी।

सक्रियता के बाद टॉय टॉय फिस्स

पार्षद और कांग्रेस नेता शैलेन्द्र जायसवाल ने बताया कि फटकार के बाद भी पीडब्लूडी इंजीनियर मनमानी से बाज नहीं आ रहे हैं। महापौर ने धूल से बचने पानी छिड़काव का आदेश तो दिया…लेकिन उनकी सुनता कौन है। निगम कर्मचारी दिन में एक बार पानी का छिड़काव कर बैठ जाते हैं। जबकि रायपुर में धूल से बचने दिनभर निश्चित समय में पानी का छिड़काव किया जाता है। महापौर को ना तो होश है..और ना ही उनकी बातों को निगम कर्मचारी गंभीरता से लेते हैं।

करेंगे मास्क का वितरण

शैलेन्द्र ने बताया कि धूल और स्थानीय लोगों की परेशानी से महापौर का कोई लेना देना नहीं है। आज कुछ थोड़ा बहुत सड़क का काम हुआ। लेकिन कुछ देर बाद कर्मचारी और मजदूर भाग गए। रोज दर्जनों की संख्या में सर्दी जुकाम और दमा के मरीज पैदा हो रहे हैं। डाक्टरों ने इसकी वजह धूल को बताया है। स्थानीय लोगों ने व्यापारियों के साथ मिलकर क्षेत्र में फेस मास्क बांटने का फैसला किया है। उम्मीद है कि शायद ऐसा करने से महापौर और निगम प्रशासन की आंख खुल जाए।

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