मेरी नज़र में… Archive

मोबाइल पर रोज चल रही हिंदी की एक अनूठी क्लास,कोई भी घर बैठे हो सकता है शामिल

Tweet बिलासपुर । आज के दौर में हिंदी को लेकर काम करने वालों की कमी नहीं है। ऐसा ही एक नाम है- बिलासपुर की  संज्ञा टंडन का……। जो प्रदेश ही नहीं देश के जाने-माने भाषाविद्  प्रोफेसर डाॅ.रमेशचंद्र महरोत्रा  की सुपुत्री हैं और आज के दौर के मीडिया यानी मोबाइल-इंटरनेट के जरिए हिंदी की बेहतरी के

कहानी शिक्षाकर्मी की (तीन)-खूद के भविष्य का ठिकाना नहीं, फिर भी संवार रहे नौनिहालों का भविष्य …..?

Tweet (गिरिजेय) पूर्व राष्ट्रपति डा. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती पर 5 सितंबर को शिक्षक दिवस मनाया जा रहा है। इस दिन शिक्षकों का सम्मान किया जा रहा है और उनकी अहमियत  पर कसीदे पढे जा रहे हैं। यह दिन हर साल आता है और हर साल यही सिलसिला चलता है। इस रिवाज की रस्मअदायगी इस

शिक्षाकर्मी की कहानी (दो):सायकल-घड़ी गिरवी रखकर भी पढ़ाते रहे नौनिहालों को

Tweet (गिरिजेय) पूर्व राष्ट्रपति डा. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती पर 5 सितंबर को शिक्षक दिवस मनाया जाएगा। इस दिन शिक्षकों का सम्मान किया जाएगा और उनकी अहमियत  पर कसीदे पढे जाएंगे। यह दिन हर साल आता है और हर साल यही सिलसिला चलता है। इस रिवाज की रस्मअदायगी इस बार भी होगी। लेकिन कोई यह

कहानी शिक्षाकर्मी की (एक )- पैदाइश से ही कैसे शुरू हुआ शोषण का सिलसिला..?

Tweet (गिरिजेय) पूर्व राष्ट्रपति डा. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती पर 5 सितंबर को शिक्षक दिवस मनाया जाएगा। इस दिन शिक्षकों का सम्मान किया जाएगा और उनकी अहमियत  पर कसीदे पढे जाएंगे। यह दिन हर साल आता है और हर साल यही सिलसिला चलता है। इस रिवाज की रस्मअदायगी इस बार भी होगी। लेकिन कोई यह

पटरी से उतरी 10 राज्यों की धड़कन…सिहर उठा देश…हादसे का जिम्मेदार कौन..

Tweet बिलासपुर ( गिरिजेय ) उत्कल कलिंगा एक्सप्रेस केवल ट्रेन नहीं…संस्कृति और संस्कार की पटरी पर चलने वाली विज्ञान की बेटी है। जगन्नाथ धाम को हरिद्वार धाम से जोड़ने वाली उत्कल कलिंगा का दूसरा नाम राष्ट्रीय एकता भी है। चार दशक से अधिक समय से उत्तर को दक्षिण से जोड़ने वाली उत्कल कलिंंगा एक्सप्रेस करीब

वो…तो…सब ठीक है,पर बिलासपुर को बिलासपुर कब बनाएंगे.?

Tweet (गिरिजेय)इस बार आजादी पर्व 15 अगस्त के साथ भारत छोड़ो आंदोलन की 75 वीं वर्षगांठ की भी चर्चा है….।और इस बीच एक नारा दिया जा रहा है कि गंदगी, भ्रष्टाचार, आतंकवाद , सम्प्रदाय, जातिवाद, गरीबी, बेकारी, बीमारी, निरक्षरता  …भारत छोड़ो…. नया भारत बनाना है।नारा बहुत अच्छा है और संकल्प भी बहुत अच्छा है। देश

टूटे हुए पेड़ बोल रहे-मुझमें..कहीं थोड़ी सी..अभी बाकी है जिन्दगी..

Tweet बिलासपुर(विशेष संवाददाता)।फिल्म अग्निपथ का मशहूर गाना..अभी मुझमें कहीं बाकी..थोड़ी सी है जिन्दगी..।मिट्टी तेल हॉकर गली उजड़ने के बाद..अस्त व्यस्त लेटे  दो आम के पेड़ों को देखकर अग्निपथ गाना बरबस ही याद आ गया। कभी मिट्टी तेल हॉकर गली में रौनक हुआ करती थी। चहल पहल इतनी कि चार पहिया वाहनों का निकालना मुश्किल था।

देखें VIDEO:बिलासपुर से सिर्फ 30 किलोमीटर दूर बारिश में एक सफर…

Tweet बिलासपुर।छत्तीसगढ़ को कुदरत ने कई अनमोल तोहफे दिए हैं…उसमें सबसे नायाब तोहफा है,हरियाली का…बिलासपुर इलाके  के खाते में भी इसका एक हिस्सा आया है….।इसे महसूस करना है तो हम निकल सकते हैं कोटा रोड पर..।महज बीस से तीस किलोमीटर का फासला तय करने के बाद सावन की हरियाली आपका स्वागत करेगी..। सड़क के दोनों

आज उनका जन्मदिन है, जिनका नाम प्रभाष जोशी था :

Tweet हिंदी पत्रकारिता की दुनिया में जो नाम अमर हैं, उनमें श्रद्धेय प्रभाष जोशी जी का भी नाम है। उनका जन्मदिवस 15 जुलाई को है। सहजता – सरलता तो किसी का भी व्यक्तित्व निखार देती है। लेकिन यही सहजता – सरलता लेखन में उतर जाए तब तो निश्चित ही वह लेखन अमर हो जाता है….

कांग्रेस को मिल गए दो केन्डीडेट,बिलासपुर में मजबूत हुई पार्टी…?

Tweet इश्क का जौक–ए-नजारा मुफ्त में बदनाम है, हुश्न खुद बेताब है,जलवे दिखाने के लिए !! मशहूर शायर मजाज लखनवी साहब की ये लाइने यकीनन हुस्न- ओ- इश्क की दुनिया को लेकर लिखी गईं हैं। लेकिन बिलासपुर शहर में कांग्रेस की राजनीति में उम्मीदवारों की दावेदारी  को लेकर जो कुछ चल रहा है, उसके पेशे