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त्तीसगढ़ का….छत्तीसगढ़ के पत्रकारों का न्यूज़ पोर्टल “ सीजी वॉल” आपके सामने है। हमारा मकसद सिर्फ इंटरनेट के संजाल में शामिल खबरी साईट्स की भीड़ का एक हिस्सा बनना नहीं है। अलबत्ता उन पाठकों/दर्शकों की भीड़ के बीच हम भी खड़े हैं और इन पाठको/दर्शकों की तरह उन सही खबरों की तलाश है, जिन खबरों की तलाश में पाठक इंटरनेट के बटन दबाते हैं। यह प्रयास इस दिशा में है कि मौजूदा तकनीकि संसाधनों का इस्तेमाल कर खबरों को तुरंत खबर चाहने वालों तक पहुंचाया जा सके।

पत्रकारिता के क्षेत्र में पिछले करीब तीस साल का तज़ुर्बा कहता है कि वक्त के साथ इस क्षेत्र में बड़ा बदलाव आया है। खासकर तकनीक के मामले में…..। अस्सी-नब्बे के दशक में माना जाता था कि “अखबार निकालना वक्त के साथ चलते हुए,उससे आगे निकलने की प्रक्रिया है। जिससे अखबार वालों को रोज़ जूझना पड़ता है….। ” करीब तीन दशक अखबार की पत्रकारिता में काम करते हुए हमें इससे जूझने का सौभाग्य मिला है। कैमरा और स्क्रिप्ट के जरिए टेलीविज़न के खबरिया चैनलों तक खबर पहुंचाने की खुशकिस्मती भी मिली। महसूस हुआ कि प्रिंट हो या इलेक्ट्रानिक मीडिया खबरें तब तक एकदम ताजा होती हैं-जब तक सुबह कोई अखबार छपकर आता है या टीवी के किसी न्यूज़ बुलेटिन का आग़ाज होता है।

लेकिन आज इंटरनेट के युग में इसकी रफ़्तार बढ़ाई जा सकती है। काफी बढ़ाई जा सकती है….। और किसी भी ख़बर को एकदम ताजा हालात में पाठकों के सामने रखा जा सकता है। ऐसी खबरें, जो पाठक चाहते हैं,उसके लिए सुबह के अख़बार और शाम के न्यूज़ बुलेटिन का इंतजार न करना पड़े। सिर्फ की बोर्ड पर उंगलियों को आदेश देकर पाठक ठीक समय पर हर ख़बर की खबर ले सकते है।

आज की पत्रकारिता में लोग गिरावट की बात करते हैं। लेकिन हम ऐसा नहीं मानते।पत्रकारिता अच्छी थी…..अच्छी हो रही है…और जो लोग सही में पत्रकारिता करना चाह रहे हैं…पत्रकारिता कर भी रहे हैं। माध्यम परंपरागत नहीं है तो क्या हुआ ? संचार के आधुनिक साधन तो हैं। पत्रकारिता के हक़ में इन साधनों का सकारात्मक उपयोग हो सकता है। जो सच्ची के पत्रकार हैं वे पत्रकारिता की साख गिरने क्यों गिरने देंगे ? इस “ साख की छत ” को बचाए रखने में वेव पत्रकारिता एक मजबूत खंभे की भूमिका निभा सकती है।“समय ” के साथ चलते हुए समय के आगे निकलने की कोशिश में लगे लोगों के लिए यह एक सार्थक और प्रभावी माध्यम हो सकता है। हमारी कोशिश होगी कि  “सीजी वॉल ” खबरों की एक ऐसी  “दीवार ”बने जिसमें सभी को अपने मनमाफ़िक खबरें मिल सकें। वेब पत्रकारिता के इस मंच का इस्तेमाल वास्तविक पत्रकारिता के लिए हो— इस मकसद को सामने रखकर हमने यह कोशिश शुरू की है। अब पाठक ही यह तय करेंगे कि यह प्रयास अपनी सार्थकता की मंजिल पर कब तक पहुंच पाता है।

 

आपके सुझावों से हमें ताकत और नई दिशा मिलेगी।

रुद्र अवस्थी. www.cgwall.com/