पहली बरसात में ही सड़क पर गड़्ढेःदोषी लोगों पर होगी कार्रवाई

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रायपुर ।     मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने गुरूवार को  सवेरे राजधानी रायपुर में अपने सरकारी आवास में आयोजित जनदर्शन कार्यक्रम में बसना-भंवरपुर-सागरपाली तक 16 किलोमीटर मार्ग निर्माण में भ्रष्टाचार के बारे में पंचायत प्रतिनिधियों से प्राप्त शिकायतों को गंभीरता से लिया। उन्होंने प्रदेश के लोक निर्माण मंत्री  राजेश मूणत को महासमुंद जिले की इस सड़क में डब्ल्यू बी एम और डामरीकरण कार्य में गंभीर अनियमितता और अन्य गड़बड़ियों की शिकायत पर तत्काल जांच करवाने के निर्देश जारी किए।
डॉ. सिंह ने आज के जनदर्शन में प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए जनप्रतिनिधियों, ग्रामीणों और विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधि मंडलों के आग्रह पर लगभग दो करोड़ 38 लाख रूपए के 39 निर्माण कार्यों की स्वीकृति तत्काल प्रदान कर दी। इनमें से लगभग एक करोड़ रूपए उत्तर बस्तर (कांकेर) जिले के ग्राम चांवड़ी में करीब 40 वर्ष पहले निर्मित सिंचाई जलाशय के जीर्ण-शीर्ण गेट और नहर मरम्मत के लिए मंजूर किए गए। शेष 38 कार्य एक करोड़ 38 लाख रूपए के हैं, जो प्रदेश सरकार के चार विभिन्न प्राधिकरणों के मद से मंजूर किए गए हैं। मुख्यमंत्री ने जनदर्शन में दो हजार से ज्यादा लोगों से मुलाकात की। इनमें से 728 लोग 91 विभिन्न प्रतिनिधि मंडलों में शामिल थे। शेष एक हजार 339 लोगों ने व्यक्तिगत आवेदक के रूप में उनसे मुलाकात की। ग्राम चावड़ी से आए  कृष्णा नायक, ग्राम पटेल पूरन सिंह सहित कई ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपकर बताया कि इस जलाशय का निर्माण वर्ष 1974-75 में किया गया था। विगत 40 वर्ष में गेट और नहर-नाली की स्थिति जीर्ण-शीर्ण हो गई है। मुख्यमंत्री ने किसानों के लिए सिंचाई सुविधा की दृष्टि से इसे आवश्यक कार्य बताते हुए जल संसाधन विभाग के सचिव को तत्काल स्वीकृत करने के निर्देश जारी किए।
मुख्यमंत्री को जनदर्शन में जनपद पंचायत बसना की सदस्य श्रीमती चम्पा बाई, ग्राम पंचायत भंवरपुर के सरपंच  कृष्ण कुमार पटेल, ग्राम पंचायत धानापाली के सरपंच  कमल पटेल और अन्य कई ग्रामीणों ने बसना-भंवरपुर-सागरपाली मार्ग निर्माण में भ्रष्टाचार की शिकायत करते हुए ज्ञापन सौंपा। उन्होंने मुख्यमंत्री को बताया कि लगभग 16 किलोमीटर लम्बे इस रोड का निर्माण एक साल पहले किया गया था, लेकिन पहली ही बरसात में इसके लगभग 14 किलोमीटर के हिस्से में जगह-जगह काफी गड्ढे हो गए हैं। इसके फलस्वरूप आम नागरिकों और वाहनों का उस पर चलना दूभर हो गया है। दुर्घटनाएं भी हो रही है। रोड पर डब्ल्यू बी एम मटेरियल में सफेद मिट्टी (छुई मिट्टी) मिलाकर काम किया गया है, जिसमें धूल काफी मात्रा में हैं। गिट्टी खराब क्वालिटी की है। तकनीकी नियमों का पालन नहीं किया गया है। मुख्यमंत्री ने पंचायत प्रतिनिधियों को विश्वास दिलाया कि मामले की उच्च स्तरीय जांच करायी जाएगी और दोषी पाए जाने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

डॉ. रमन सिंह से जनदर्शन में रायपुर जिले के ग्राम भुरका (विकासखंड अभनपुर) के ग्रामीणों ने भी मुलाकात की। उन्होंने डॉ. सिंह को बताया कि गांव की घास जमीन और आबादी जमीन पर कुछ लोगों द्वारा वृक्षों की अवैध कटाई की गई थी। अधिकारियों को इसकी शिकायत किए जाने पर संबंधित व्यक्तियों ने शिकायतकर्ताओं की पौनी-पसारी (हुक्का-पानी) बंद करवा दिया। मुख्यमंत्री ने इस शिकायत पर रायपुर कलेक्टर को त्वरित निराकरण के निर्देश दिए।

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