CM रमन ने किया ‘मुख्यमंत्री मनरेगा मजदूर टिफिन वितरण योजना‘ का शुभारंभ,बोले-टिफिन योजना मेरे दिल के करीब

रायपुर-मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने कहा कि राज्य सरकार का सबसे बड़ा काम लोगों के जीवन में खुशहाली लाना है। राज्य सरकार का प्रयास है कि छत्तीसगढ़ के एक-एक व्यक्ति को बेहतर जीवन का अधिकार मिले और गरीब से गरीब व्यक्ति के घर खुशहाली आये। मुख्यमंत्री ने  रायपुर के इंडोर स्टेडियम में आयोजित कार्यक्रम में ’मुख्यमंत्री मनरेगा मजदूर टिफिन वितरण योजना‘ का शुभारंभ करते हुए इस आशय के विचार प्रकट किए। उन्होंने प्रतीक स्वरूप कुछ मजदूरों को टिफिन वितरित कर और उनका मुंह मीठा कराके योजना का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि मजदूर भाइयों के लिए आज से प्रारंभ हो रही यह योजना मेरे दिल के करीब है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में अगले एक से डेढ़ माह में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के दस लाख 83 हजार मजदूरों को तीन बॉक्स वाले टिफिन वितरित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि छोटी-छोटी योजनाओं के माध्यम से राज्य सरकार का प्रयास गरीबों और मजदूरों के जीवन में खुशहाली लाने का है। गरीबों और मजदूरों के लिए स्मार्ट फोन, टिफिन, चरण पादुका, पक्का मकान, हर घर बिजली जैसी योजनाएं उनके स्वाभिमान से जुड़ी योजनाएं हैं। जो स्मार्ट फोन मुख्यमंत्री और राज्य सरकार के मंत्रियों के हाथ में है वही स्मार्ट फोन अब छत्तीसगढ़ के गरीबों, मजदूरों, महिलाओं और युवाओं के हाथों में होगा। हर व्यक्ति के आवागमन के लिए पक्की सड़क, घर के नजदीक स्कूल और कॉलेज की व्यवस्था उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी राज्य सरकार पूरा करने का हर संभव प्रयास कर रही है।

सीएम ने कार्यक्रम में बताया कि वे पिछले साल ग्राम सुराज अभियान में बिलासपुर जिले के सुदूर अंचल के एक गांव में मनरेगा का काम देखने पहंुचे थे, वहां मजदूर पेड़ की छांव में भोजन कर रहे थे। मजदूर बर्तन में, पोटली और प्लास्टिक में घर से भोजन लेकर आए थे। मुझे भी खाने की इच्छा हुई, एक महिला मजदूर ने अपने टिफिन से मुझे भी दाल-भात और चटनी दी। यहीं मेरे मन में मजदूरों के लिए टिफिन योजना प्रारंभ करने का विचार आया। इस योजना का आज शुभारंभ हो रहा है। टिफिन में मजदूरों के भोजन की सुरक्षा और शुद्धता सुनिश्चित हो सकेगी। स्वच्छ भोजन से बीमारियों से भी मजदूर दूर रहेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा मजदूरों के लिए अनेक कल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही हैं। मनरेगा में 150 दिन का रोजगार दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री खाद्य सुरक्षा योजना में गरीब परिवारों को एक रूपए में चावल, निःशुल्क नमक और चना दिया जा रहा हैं। मुख्यमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना में प्रदेश के सभी परिवारों के लिए 50 हजार रूपए तक के निःशुल्क इलाज की व्यवस्था की गई है। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की आयुष्मान भारत योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि अब गरीबों को गंभीर बीमारियों के इलाज की चिन्ता करने की जरूरत नहीं है। उन्हें इस योजना में पांच लाख रूपए तक के निःशुल्क इलाज की सुविधा मिलेगी। छत्तीसगढ़ के लगभग 40 लाख गरीब परिवारों को इस योजना का लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने वर्ष 2000 में छत्तीसगढ़ राज्य का निर्माण किया। आज 18 वर्षों में छत्तीसगढ़ विकास की लम्बी छलांग लगाने के लिए तैयार है।

पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री अजय चन्द्राकर ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ देश का अकेला राज्य है, जहां मनरेगा की महिला श्रमिकों को प्रसूति अवकाश दिया जाता है और उनकी इस अवधि की मजदूरी का भुगतान भी किया जाता है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा ऐसी व्यवस्था की गई है जिससे प्रदेश के 70 प्रतिशत श्रमिकों को 15 दिनों के अंदर मजदूरी का भुगतान किया जा रहा है। कई बार इसमें कठिनाईयां आती हैं, जिनके समाधान के प्रयास विभाग द्वारा किए जाते है। उन्होंने गरीबों और मजदूरों के लिए संचालित योजनाओं पर प्रकाश डाला। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव आर.पी. मंडल ने कहा कि टिफिन वितरण योजना मनरेगा के मजदूरों के श्रम के सम्मान की योजना है। इस योजना पर लगभग 20 करोड़ रूपए की राशि खर्च की जाएगी। उन्होंने कहा कि अब मजदूर टिफिन में अपना भोजन लाएंगे। कार्यक्रम में अनेक जनप्रतिनिधि, वरिष्ठ अधिकारी और बड़ी संख्या में श्रमिक भाई-बहन उपस्थित थे।

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