अभिव्यक्ति का घोंटा जा रहा गला…कामरेड पूर्व सांसद ने कहा… मजदूर विरोधी सरकारी नीतियों का करेंगे विरोध

बिलासपुर–कोयला खदान में कमर्शियल माइनिंग के फैसले से कोयला उद्योग बर्बाद हो जाएगा। ,सार्वजनिक उपक्रम नष्ट हो जाएंगे। निजी कंंपनियांं मजदूरों का जीना मुश्किल कर देंगे। मजदूरों का जीना मुश्किल हो जाएगा। उनका बेतहाशा शोषण होने लगेगा। यह बातें पूर्व सांसद और मजदूर नेता कामरेड रमेन्द्र कुमार ने पत्रकारों के बीच कही।
                   कामरेड रमेन्द्र कुमार ने कहा कि केंद्र सरकार श्रम कानून में व्यापक परिवर्तन का फैसला किया है। लेकिन हम सरकार की चाल को कामयाब नहीं होने देंगे। मजदूरों के हक़ में हम हमेशा की तरह लड़ाई को अंजाम तक पहुंचाएंगे। प्रेसवार्ता में aituc राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व सासंद ने कहा कि वर्तमान सरकार मजदूर विरोधी है।
                              पत्रकारों से चर्चा के दौरान कॉमरेड रमेन्द्र कुमार ने कहा कि कोयला खदान मजदूरों का व्यापक स्तर पर शोषण होता है। मजदूरों की भर्ती सीमित कर दी गई है। उत्पादन लक्ष्य बढ़ा दिया गया है। जिसके कारण मजदूरों की जिंदगी बुरी तरह से प्रभावित हुई है। पूर्व सांसद ने कहा कि मौजूदा सरकार तमाम सार्वजनिक कंपनियों को निजी हाथों में सौंपना चाहती है। लिहाजा सगठन ने फैसला किया है कि 9 अगस्त से हम लगातार सरकार की नीतियों के खिलाफ आंदोलन करेंगे।
               जानकारी देते चलें कि 9 अगस्त से बिलासपुर secl  मेन गेट के सामने हजारों कोल कर्मचारी मजदूर विरोधी सरकारी नीतियों के खिलाफ प्रदर्शन करेंगे। एटक के राष्ट्रीय अध्यक्ष रमेंद्र कुमार ने कहा कि मौजूदा मोदी सरकार ने रोजगार, महंगाई जैसे अनेकों बुनियादी मुद्दों पर बुरा प्रभाव डाला है। लोगों की अभिव्यक्ति की आजादी प्रभावित हो रही है । मीडिया हाउस पर भी वर्तमान सरकार की मनमानी का प्रभाव दिख रहा है। देश में सरकार के खिलाफ बोलनेवाले पत्रकारों की या तो बोलती बंद कर दी जाती या फिर उन्हें बाहर का रास्ता दिखा दिया जाता है। दरअसल अभिव्यक्ति की आजादी का गला घोंटा जा रहा है।

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