अम्बेेडकर अस्पताल में कैंसर की स्थिति एवं वृद्धि दर जांचने लगेगी पेट स्कीन-गामा मशीन,मौसमी बीमारियों की रोकथाम के लिए करें पुख्ता इंतजाम-अजय चन्द्राकर

रायपुर-स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री अजय चन्द्राकर ने अपने निवास कार्यालय में अधिकारियांे की बैठक लेकर विभागीय काम-काज की समीक्षा की। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ने मौसमी बीमारियों को ध्यान में रखते हुए नियंत्रण एवं बचाव के पुख्ता इंतजाम करने अधिकारियों सख्त निर्देश दिए। उन्हांेने सभी डिपो और अस्पतालों में पर्याप्त मात्रा में आवश्यक दवाईयों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए। श्री चन्द्राकर ने कहा कि छत्तीसगढ़ मेडिकल कार्पोरेशन कम्पनी उपलब्ध सूची के अनुसार जल्द निविदा जारी करें और समय-सीमा में दवा वितरण व्यवस्था दूरूस्त करें। उन्होंने अधिकारियों को ऑनलाइन मॉनीटरिंग कर दवा उपलब्धता की जानकारी रखने के निर्देश दिए।बैठक में अजय चन्द्राकर ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों की प्रगति की भी जानकारी प्राप्त की। उन्होंने राज्य में मलेरिया, डेंगू, जापानीज इन्सेफेलाइटिस, चिरायु योजना, टीकाकरण कार्यक्रम, टी.बी. नियंत्रण इत्यादि की स्थिति का जायजा लिया। श्री चन्द्राकर ने प्रदेश को टी.बी. मुक्त राज्य बनाने के लिए सुनियोजित कार्ययोजना तैयार कर बेहतर क्रियान्वयन के निर्देश दिए।

बैठक में अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश में मलेरिया, डेंगू, जापानीज इन्सेफेलाइटिस से बचाव के लिए व्यापक स्तर पर जागरूकता अभियान चलाया जा रहा हैं। अधिकारियों ने बताया कि मूल रूप से डेंगू का इलाज नहीं होता है, इसलिए गड्ढे में पानी जमा होने से रोकने, कूलर का पानी बदलते रहने, पूरी बांह के कपड़े पहनने, घर के आस-पास साफ-सफाई रखने लोगों को जागरूक किया जा रहा है। मलेरिया नियंत्रण के लिए फॉगिंग और स्प्रे किया जा रहा है।

टी.बी. नियंत्रण के लिए पीड़ित मरीजों को नियमित दवाई और पोषण आहार प्रदान किया जा रहा है। डेंगू के त्वरित निदान के लिए आइजीएम एलिसा किट की सुविधा तथा जापानीज इन्सेफेलाइटिस के पुष्टि हेतु मेडिकल कॉलेज जगदलपुर को सेटिनल सर्विलेंस चिकित्सालय के रूप में चिन्हाकिंत किया गया है। इन प्रतिबंधात्मक कार्यो के परिणामस्वरूप जून वर्ष 2017 की तुलना में वर्ष 2018 में 65 प्रतिशत की कमी पाई गई है।

चन्द्राकर ने संजीवनी 108 और महतारी 102 के हड़तालियों के प्रतिनिधि मंडल, जीवीके के प्रतिनिधि और अधिकारियों के साथ बैठक कर संजीवनी 108 तथा 102 के कर्मचारियों के मागांे पर भी विचार-विमर्श किया। श्री चन्द्राकर ने संचालक स्वास्थ्य सेवाएं को समन्वय कर शीघ्र समस्या का समाधान करने के निर्देश दिए।बैठक में स्वास्थ्य मंत्री ने डॉ. भीमराव अम्बेडकर स्मृति चिकित्सालय की स्वास्थ्य व्यवस्था दूरूस्त करने के निर्देश दिए। पूरे मध्य भारत से कैंसर के इलाज के लिए लोग अम्बेडकर अस्पताल आते हैं। मरीजों में स्थानीय स्तर पर कैंसर की स्थिति एवं उनके वृद्धि दर को जांचने के लिए पेट स्कीन तथा गामा मशीन शीघ्र स्थापित करने का निर्णय लिया गया। श्री चन्द्राकर ने डी.के.एस. मल्टी सुपर-स्पेशलिटी अस्पताल के जीर्णोद्धार की प्रगति की भी जानकारी ली। अधिकारियों ने बताया कि इस सुपर स्पेशलिटी अस्पताल का कार्य लगभग पूर्णतः की ओर है। उच्च स्तर के स्वास्थ्य उपकरणों की स्थापना हो चुकी है। जल्द ही अस्पताल के रेनोवेशन कार्य पूर्ण हो जाएगा। श्री चन्द्राकर ने कहा कि जल्द अस्पताल का रेनोवेशन कार्य पूर्ण कर मॉक ड्रील से संचालन प्रक्रिया का अवलोकन किया जाए।

चन्द्राकर प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों को पीजी इंस्टीट्यूट के रूप में विससित करने पर बल दिया। उन्होंने अनुबंध के नियमों का पालन नहीं करने वाले पी.जी. डाक्टरों पर भी कार्यवाही करने के निर्देश दिए। स्वास्थ्य मंत्री ने मुख्यमंत्री बालश्रवण योजना, बाल ह्दय योेजना और बाल मधुमेह योजना के प्रगति की जानकारी ली।अजय चन्द्राकर ने मानवीय संवेदनाओं को ध्यान में रखते हुए इन योजनाओं के प्रकरण आने के 15 दिनों के भीतर अनुमोदन करने के निर्देश दिए। श्री चन्द्राकर ने विभाग के सभी कैडर के अधिकारियों और कर्मचारियों के क्रमोन्नति, पदोन्नति और वेतन विसंगति को शीघ्र दूर करने के निर्देश अधिकारियों को दिए।बैठक में स्वास्थ्य विभाग की सचिव निहारिका बारिक सिंह, संचालक स्वास्थ्य सेवाएं श्रीमती रानू साहू, संचालक चिकित्सा शिक्षा डॉ. ए.के. चन्द्राकर, सीजी एमएससी के प्रबंध संचालक व्ही रामाराव, संचालक महामारी डॉ. आर.आर. साहनी, भीमराव अम्बेडकर अस्पताल के अधीक्षक डॉ.विवेक चौधरी, डी.के.एस. सुपर स्पेशलिटी अस्पताल के अधीक्षक डॉ. पुनित गुप्ता सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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