वन महोत्सव:प्रदेश में हरियर छत्तीसगढ़ महाभियान के तहत इस वर्ष सात करोड़ पौधे लगाए जाएंगे-डॉ. रमन सिंह

रायपुर-मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह ने पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय के परिसर में हरियर छत्तीसगढ़ वृक्षारोपण महाभियान के तहत आयेाजित वन महोत्सव में स्कूल-कॉलेजों के विद्यार्थियों और नागरिकों के साथ वृक्षारोपण किया। डॉ. सिंह ने समारोह को सम्बोधित करते हुए कहा कि हरियर छत्तीसगढ़ महाभियान के तहत इस वर्ष मानसून के दौरान प्रदेश भर में आम जनता की भागीदारी से विभिन्न प्रजातियों के सात करोड़ पौधे लगाए जाएंगे।  मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान विश्वविद्यालय परिसर में कृष्णवट (बड़) का पौधा लगाया, जो औषधीय गुणों से परिपूर्ण है और जिसे मक्खन कटोरी के नाम से भी जाना जाता है। मुख्यमंत्री ने वृक्षारोपण कार्यक्रम को यादगार बनाने के लिए हरियर छत्तीसगढ़ महाभियान की पट्टिका का अनावरण भी किया।उन्होंने वृक्षारोपण के बाद विद्यार्थियों और नागरिकों को वृक्षारोपण, पर्यावरण और वन्यप्राणी को सुरक्षित रखने और जनमानस में इनके प्रति चेतना जगाने की शपथ दिलाई। डॉ. रमन सिंह ने कहा – पर्यावरण की रक्षा हम सबकी नैतिक जवाबदारी है। पौधारोपण जैसे कार्यो से प्रकृति के प्रति जुडाव बढ़ता है और पृथ्वी को बचाने के लिए हमारी भागीदारी और भूमिका बढ़ती है।

उन्होंने कहा वर्षो बाद जब वृक्ष लगाने वाले बच्चें और लगाये गये पौधें दोनों बड़े हो जायेंगे तो लगाने वाले बच्चों को इन्हें देखने में काफी आनंद आयेंगा और उन्हें सुकून महसूस होगा। मुख्यमंत्री ने कहा इस वर्ष छत्तीसगढ़ में 7 करोड़ पौधों का वृक्षारोपण किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा ऐसे कार्यक्रमों के जरिये आम जनता के बीच पेड़-पौधों के महत्व को लेकर जागरूकता आती है। समाज में पर्यावरण संरक्षण का संदेश जाता है। उन्होंने कहा  राज्य को हरा -भरा बनाने के लिए पौधरोपण के साथ-साथ उनकी सुरक्षा और देखभाल का भी संकल्प लेना चाहिए।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रदेश के वन तथा विधि एवं विधायी कार्य मंत्री महेश गागड़ा ने पर्यावरण की रक्षा और वृक्षारोपण के इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में नागरिकों की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित किया। राजभाषा आयोग के अध्यक्ष पद्मश्री डॉ. सुरेन्द्र दुबे ने वृक्षारोपण को बढ़ाने की अपील बच्चों से की। प्रदेश के अपर मुख्य सचिव (वन विभाग) सी के खेतान ने बताया कि पर्यावरण के प्रति नागरिकों को सजग करने की दृष्टि से राज्य में वर्ष 2007 वन महोत्सव के माध्यम से व्यापक वृक्षारोपण का कार्य किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की पर्यावरण और वृक्षारोपण के प्रति विशेष रूचि रहती है और वे अपने पूरी दिल और दिमाग से जुड़े हैं। उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 में भारत सरकार द्वारा कराये गये सर्वेक्षण से छत्तीसगढ़ में दो सौ वर्ग किलोमीटर में वनों का विस्तार होने की जानकारी मिली है।

हरियर छत्तीसगढ़़ महाभियान के तहत पंडित रविशंकर विश्वविद्यालय के 7.2 हेक्टेयर में 9700 पौधे लगाए गए। इनमें मौलश्री, आंवला, पीपल, नारियल, अमरूद, कटहल, हल्दू जैसे फलदार और छायादार प्रजातियां शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने यहां कृष्णवट का पौधा लगाया जो छत्तीसगढ़ का प्राचीन एवं औषधियों से भरपूर दुर्लभ पौधा है। यह पहले सिर्फ शिवरीनारायण में ही उपलब्ध था इसकी पत्ती पीछे से दोनें की शक्ल में मुड़ी होती है जिसके कारण अनेक धार्मिक मान्यतायें और किवदंतियां भी इससे जुड़ी है। ऐसा माना जाता है भगवान श्री कृष्ण इसके पत्ते में मक्खन स्वयं खाते थे और गोपियों को भी खिलाते थे यह भी मान्यता है कि शबरी ने भगवान श्री राम को इसी वृक्ष के पत्ते में बेर रख कर खिलाया था। आयुर्वेद के अनुसार यह पेड़ का छाल, तना और पत्ता मधुमेह, अल्सर, ज्वर, जलन, लेप्रोसी, सिफलीस, लीवर जलन आदि के इलाज के लिए उपयोगी है।

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