भितरघातियों ने हराई कांग्रेस की 3 सीट..बिलासपुर भी इसमें एक…प्रदेश बूथ समन्वयक ने कहा…बाहर हो गए ऐसे लोग…कोटा में नए चेहरे का करें इंतजार

  1. बिलासपुर– प्रदेश कांग्रेस महामंत्री और प्रदेश बूथ समन्वयक राजेश तिवारी ने बताया कि बिलासपुर हारने की मुख्य वजह हमारे अपने ही लोग हैं। ऐसे तमाम फूल छाप कांग्रेसियों पर प्रदेश के वरिष्ठ नेताओं की नजर है। पुराने फूलछाप कांग्रेसी बाहर हो चुके हैं। लेकिन कुछ ऐसे लोग अभी भी रह गए हैं। जो कांग्रेस के अन्दर रहकर बाहरी पार्टियों को फायदा पहुंचाते हैं। अपने साथियों को हराने का काम करते हैं। ऐसे लोगों पर संगठन की तिरछी नजर है। कई लोगों  को चिन्हित भी किया जा चुका है। इन पर समय के साथ कार्रवाई होगी। समन्वयकों की नियुक्ति खासतौर पर ऐसे ही लोगों के लिए हुई है। जो वरिष्ठ नेताओं के साथ समनव्य बनाकर पार्टी हित में काम कराएंगे। अन्यथा चिन्हित लोगों को बाहर का रास्ता दिखाएंगे।

                              प्रदेश बूथ लेबल कोअार्डिनेटर राजेश तिवारी आज रायपुर से जिला कांग्रेस और बूछ कमेटी की बैठक में हिस्सा लेने बिलासपुर पहुंचे। एक सवाल के जवाब में राजेश तिवारी ने बताया कि यह सच है कि बिलासपुर जिले के कई विधानसभाओं में बूथ लेबल पर कमेटियों का गठन नहीं किया गया है। विभिन्न विधानसभाओं में ऐसे क्षेत्रों की संख्या करीब 20 से 25 प्रतिशत है। बिलासपुर में भी करीब 15-20 बूथ कमेटी का गठन नहीं हुआ है। मामला स्क्रीनिंग कमेटी के सामने आया। बैठक में शामिल होकर ब्लाक अध्यक्षों की इसकी जानकारी देंगे। जल्द से जल्द बूथ कमेटी का गठन करने को कहेंगे। अन्यथा संगठन कठोर कदम उठाएगा।
                सवाल के जवाब में राजेश तिवारी ने बताया कि इस बार सारा फैसला स्क्रीनिंग कमेटी को लेना होगा। अब दिल्ली किसी को नहीं जाना है। ब्लाक स्तर पर दावेदारों को प्रोफार्मा भरकर आवेदन करना है। जिला कांग्रेस कमेटी सभी आवेदनों को पीसीसी सामने रखेगी। इसके बाद आवेदनों को स्क्रीनिंग कमेटी के हवाले किया जाएगा। स्कीनिंग कमेटी दावेदारों की जांच पड़ताल करेगी। इसकी जानकारी किसी को नहीं होगी। फिर हाईकमान टिकट का एलान करेगा। पन्द्रह अगस्त के अन्दर कमोबेश प्रदेश की सभी विधानसभा टिकट फायनल हो जाएंगीं। घोषणा पन्द्रह अगस्त के बाद किया जाएगा।
                             राजेश तिवारी ने बताया कि प्रदेश की कुछ ऐसी सीट हैं..जहां कांग्रेस हारती नहीं..बल्कि भीतरघाती हराते हैं। इनमें बिलासपुर,रायपुर और राजनांदगांव सीट प्रमुख है। ऐसे फूल छाप कांग्रेसियों को बाहर कर दिया गया है। जो अभी अन्दर है..उन पर नजर है। बिलासपुर में हम हारते नहीं..हराए जाते हैं।
कोटा में उठापटक क्यों
              क्या कोटा में इस बार नया चेहरा होगा…राजेश तिवारी ने बताया कि आवेदन आने के बाद फैसला होगा। पुराने एमएलए दावा करेंगी..तो उनका भी आवेदन लिया जाएगा। उन्होने इस बात से इंकार किया कि कोटा में किसी प्रकार का उठापटक है। विधानसभा समन्वयक के.के.यादव को डेंंगू हुआ..उन्होने पन्द्रह दिनों तक काम से आराम मांगा। सुनील शुक्ला को कोटा विधानसभा समन्वयक बनाया गया है।
अप्रोच का रहेगा असर..प्रत्याशी चयन में कई फैक्टर
                  राजेश तिवारी ने माना कि प्रत्याशी चयन में अप्रोच को  इकार नहीं किया जा सकता है। प्रत्याशी चयन में कई फैक्टर काम करेंगे। दावेदार की उपलब्धियों को देखा जाएगा। कांग्रेस के प्रति समर्पण पर भी नजर रहेगी। प्रत्य़ाशी जीत की संभावना,लोकप्रियता पर भी ध्यान दिया जाएगा। कास्ट फैक्टर एक कारण हो सकता है लेकिन यह भी देखने को मिला है कि कास्ट फैक्टर हर जगह काम नहीं करता है। राजेश तिवारी ने बातों ही बातों में स्वीकार किया कि अप्रोच का भी असर रहेगा।

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