MP में सरकार की दोहरी संविलयन नीति के खिलाफ अध्यापकों का आंदोलन..18 को जिला मुख्यालयों में धरना

नरसिंहपुर।मुख्यमंत्री की शिक्षको और अध्यापको के लिए की गई अधूरे वादों को पूरा करवाने प्रांतीय इकाई के आव्हान पर मध्य प्रदेश शिक्षक संघ की समस्त ब्लॉक इकाईयो ने सूबे भर में डेढ़ लाख शिक्षकों और अध्यापको को लेकर क्रांतिकारी आंदोलन की ओर शुरुआत की है। नरसिंहपुर जिले में ही चावरपाठा,करेली,साईंखेड़ा, गोटेगांव, चीचली,नरसिंहपुर और तहसील गाडरवारा के बैनर तले हज़ारों शिक्षकों और अध्यापकों ने जुटकर प्रशासन को चेताने के लिए ब्लाकों में सांकेतिक धरना रखकर आक्रोश रैली निकाली जिसमें नारों के साथ आवाज बुलंद करते हुए शिक्षा विभाग के विभिन्न संवर्गीय कर्मचारियों ने मध्य प्रदेश सरकार से मांग की।

प्रांताध्यक्ष लक्षीराम इंगले और महामंत्री क्षत्रवीर राठौर की मंशानुसार शिक्षकों और अध्यापको ने कातर स्वर में पीड़ा व्यक्त की कि जब शिक्षा विभाग एक ही है तो संपूर्ण विभाग में एक ही प्रकार के शिक्षकों को होना चाहिये और राज्य शिक्षा सेवा के नाम से अधीनस्थ दूसरा संवर्ग ना बनाया जाए।दोयम दर्ज़े के दूसरे संवर्ग को लेकर शिक्षक संघ स्पष्ट रूप से नकारेगा। शिक्षकों का दर्द उस समय छलका जब ऊंची आवाज में उन्होंने बताया कि 35 36 साल सेवाएं देने के बाद भी आज भी जिस पद पर भर्ती हुए थे उसी पद पर काम कर रहे हैं इतने लंबे सेवाकाल में एक भी पदोन्नति ना देना शिक्षकों की गरिमा स्वाभिमान और आत्म सम्मान के विरुद्ध है सहायक शिक्षक और शिक्षक संवर्ग में सामूहिक पदनाम परिवर्तन की मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुरूप तत्काल आदेश जारी करने की बात रखी।

मुख्यमंत्री की शिक्षको और अध्यापको के लिए की गई अधूरी घोषणाओ को पूरा करने के लिए शिक्षकों ने सड़क पर उतरने का फैसला लिया।मप्र शिक्षक संघ नरसिंहपुर जिला सचिव सत्यप्रकाश त्यागी ने रोष जताते हुये बताया शिक्षक संवर्ग का 35 साल की सेवाओं के बाद भी एक ही पद पर बने रहने और मध्य प्रदेश सरकार की कैबिनेट में अध्यापकों के भेदभावपूर्ण दोयम दर्जे के संविलियन के प्रस्ताव से नाराज़ और आंदोलित शिक्षकों का विकराल आक्रोश पुनः 18 जुलाई को जिला मुख्यालयो पर धरना प्रदर्शन करके आगामी सप्ताह में दिखाई देगा।

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