अरूण उरांव ने कहा जीतने वाले कंडिडेट पर नज़र..नहीं चाहिए जोगी कांग्रेस का साथ…नहीं बचेंगे भीतरघाती..जीतेंगे 90 सीट

बिलासपुर—कांग्रेस पार्टी जीतनेवाले कैंडिडेट पर फ़ोकस है। ऐसा कैंडिडेट जो सबको साथ लेकर चल सके। उसी को टिकट दिया जाएगा। टिकट वितरण में जातीय समीकरण को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है। लेकिन हमारा प्राइम फोकस ऐसे चेहरों पर है जो जीतने की स्थिति में है। यह बातें पत्रकार वार्ता के दौरान राष्ट्रीय कांग्रेस के सचिव और छत्तीसगढ़ प्रभारी सचिव अरूण उरांव ने कही।

                अरूण उरांव ने बताया कि दो दिवसीय प्रवास पर बिलासपुर में हैं। एक महीने पहले जिला कांग्रेस को कुछ जरूरी संगठन जिम्मेदारियां दी गयी थी। उनकी समीक्षा करने का समय है। बिलासपुर पहुंचे अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी सचिव और छग के प्रभारी सचिव अरूण उरांव ने बताया कि बसपा स्वतंत्र पार्टी है..बसपा नेता चाहें साथ में आ सकते हैं..लेकिन हमें जनता कांग्रेस के साथ कतई पसंद नहीं है।

                            पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए कहा कि जनता कांग्रेस हमसे अलग है। लिहाजा जोगी का कांग्रेस के साथ लाने का सवाल ही नहीं उठना चाहिए। उराँव ने कहा कि कांग्रेस पार्टी एन्टी बीजेपी सेंटीमेंट्स को कतई बिखरने नहीं देगी । पार्टी के रणनीतिकारों को ध्यान रखना होगा कि बीजेपी के खिलाफ बने एंटी इनकंबेंसी फैक्टर का पूरा फायदा कांग्रेस पार्टी को मिले। उन्होने सवाल के जवाब में कहा कि पार्टी के भीतरघातियों पर बड़े नेताओं की नजर है।

         हर बार जीत का दावा कर चुनाव हारने की कांग्रेस पार्टी की आदत है। पहले भी नसबन्दी और नान घोटाले का मुद्दा था। फिर कांग्रेस को हार मिली। अरूम उरांव ने कहा कि प्रदेश के युवा बेरोजगार भटक रहे हैं। छत्तीसगढ़ में नौकरी की कमी नहीं है। लेकिन स्थानीय लोगों पर अन्य प्रदेशों के बेरोजगारों को रोजगार दिया जा रहा है। फसल बीमा किसानों को अभी नहीं मिला है। सूखा राहत कहीं मिला तो कहीं आज भी इंतजार है। यह मुद्दे ही हैं..जो भाजपा को हराने के लिए काफी है। जनता में महंगाई को लेकर भी नाराजगी है।

                                एक सवाल के जवाब में अरूण उरांव ने बताया कि हम मोदी जी की भाषा नहीं बोलते। वह कांग्रेस मुक्त भारत की बात करते हैं..हम 90 सीट में जीत का दावा करते हैं। हम इस बार सरकार बनाएंगे…। बातचीत के दौरान एक सवाल पर काफी भावुक होकर उरांव ने कहा कि झीरम हत्याकाण्ड को चुनाव जीत के लिए कैश करने का सवाल ही नहीं है। हमारा शीर्ष नेतृत्व मारा गया। हम जब तक जिन्दा रहेंगे..कभी नहीं भूलेंगे। बावजूद इसके प्रदेश में नक्सली समस्या खत्म नहीं हुई। क्योंकि सारी समस्या के लिए केवल और केवल भाजपा सरकार जिम्मेदार है। पिछले पन्द्रह सालों से प्रदेश भाजपा सरकार समस्या खत्म करने के नाम पर केवल आश्वासन की घूंटी पिला रही है। इस बार जनता खुद समस्या को हटाने वाली है।

  संगठन की स्थिति जिले में ठीक नहीं है। दिए गए टास्क को अभी पूरा नहीं किया गया। एनएसयूई की बैठक में पदाधिकारी क्यों नहीं आए। सवाल का जवाब देते हुए उरांव ने कहा कि रिपोर्ट मांगा गया है। दिए गए निर्देशों में अभी तक क्या प्रगति हुई है। उन्होने कहा कि युवाओं को बूथ केन्द्रों में टीम बनाने को कहा गया था। बताना चाहूंगा कि बूथ स्तर पर हमारे 45 से अधिक कार्यकर्ता हैं। युवाओं की टीम अतिरिक्त होगी।

                 कितनी सीट मिल रही है के सवाल पर उरांव ने बताया कि हम 90 सीट पर चुनाव लड़ रहे हैं..और जीत भी रहे हैं। अमित शाह की पार्टी कितनी सीट जीत रही है इस बात से हमारा कोई लेना देना नहीं है।

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