शिक्षाकर्मियों ने किया केदार कश्यप के बयान का स्वागत…संजय ने कहा..शिक्षा गुणवत्ता के लिए प्रधानपाठक जरूरी

बिलासपुर— शिक्षाकर्मी नेता संजय शर्मा ने शासन से मांग की है कि सभी स्कूलों में प्रधान पाठक के पद स्वीकृत किया जाए।शिक्षा मंत्री केदार कश्यप के बयान पर अपनी प्रतिक्रिया जाहिर करते हुए संजय ने कहा कि सरकार विद्यार्थियों की संख्या पर प्रधानपाठक पद की अनिवार्यता खत्म किया जाए।

              संविलियन के बाद कुछ मांगों को लेकर यद्यपि शिक्षाकर्मियों में अभी भी आक्रोश है। इस बीच शिक्षामंत्री केदार कश्यप के बयान पर शिक्षाकर्मियों ने खुशी भी जाहिर की है। शिक्षक मोर्चा प्रदेश संचालक संजय शर्मा ने शिक्षा मंत्री केदार कश्यप के विधान सभा में दिये गए बयान का स्वागत किया है। संजय शर्मा ने बताया कि शिक्षाकर्मी ने विधानसभा में बताया है कि प्रधान पाठक और प्राचार्य पदों पर पदोन्नति किया जाएगा। जाहिर सी बात है कि शिक्षामंत्री का बयान से शिक्षाकर्मियों को उत्साहित किया है।

           संजय ने कहा कि शिक्षाकर्मी संगठन मांग करता है कि प्रदेश के सभी स्कूलों में प्रधान पाठक का पद स्वीकृत किया जाएं। साथ ही 150 विद्यार्थी संख्या पर ही प्रधान पाठक पद की अनिवार्यता को भी खत्म करें। प्रशासनिक नियंत्रण और शिक्षा के गुणात्मक विकास के लिए सभी शालाओ में प्रधानपाठक का पद अनिवार्य रूप से स्वीकृत किया जाए।

                     संजय ने बताया कि प्रत्येक शाला जहां 150 तक छात्र संख्या है। ऐसे स्कूलों में प्रधान पाठक के पद को शिक्षक पद पर गणना किया जाए। जहाँ 150 से अधिक छात्र संख्या है, वहां प्रधान पाठक के पद को शिक्षक संख्या से पृथक मानकर अतिरिक्त पद स्वीकृत किया जाए।

        शिक्षाकर्मी नेता ने कहा कि शाला में दर्ज छात्र संख्या हमेशा बदलती रहती है। प्राथमिक और पूर्व माध्यमिक शालाओं में प्रधान पाठक का पद प्रशासनिक और शिक्षा गुणवत्ता के लिए जरूरी है। इसलिए प्रत्येक शाला के शिक्षा उन्नयन को ध्यान में रखते हुए शासन प्रधान पाठक की नियुक्ति करे। इसी तरह प्राथमिक और पूर्व माध्यमिक शालाओं में प्रधान पाठक पद स्वीकृत किया जाए।

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  1. By Chandra shekhar soni

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