शिक्षाकर्मियों के एरियर्स का अब क्या होगा…? 8 साल पूरा करने के बाद भी सता रहा एक अहम् सवाल,लाखों में बकाया है रकम

cabinet meeting,pm narendra modi,new delhi,pension,PMVVY,प्रधानमंत्री वय वंदन योजनारायपुर।छत्तीसगढ़ में 8 वर्ष पूर्ण कर चुके शिक्षाकर्मियों का संविलियन 1 जुलाई 2018 से हो चुका है। शिक्षा कर्मी अब पंचायत विभाग को अलविदा कह कर शिक्षा विभाग में जाने वाले है जिसकी प्रक्रिया चल रही है। शिक्षाकर्मियों को वेतन भुगतान पहले पंचायत विभाग के आबंटन से होता था। अब वेतन भुगतान सीधे कोषालय से होना है।विभाग बदलने से आम शिक्षाकर्मियों को अपने एरियास की रकम का भय सताने लगा है।सूत्रों के मुताबिक एरियर्स की रकम खास लोगों की ही निकलती है या फिर जो चंदा चढ़ाते है। उनका एरियर्स आसानी से मिल जाता है।

इन सबके बीच आम शिक्षाकर्मी जो अपने हक की कमाई किसी को देना नही चाहता है उसका एरियर्स का भुगतान अटके हुए रहता है।लेन देन का माध्यम नही आपने की वजह से अधिकांश शिक्षाकर्मी आज भी अपने एरियर्स भुगतान के लिए कार्यालयों के चक्कर लगाते है। और आवेदन पर आवेदन देते देखे जाते हैं। किन्तु कभी आबंटन का बहाना तो कभी आदेश नहीं होने की बात कहकर उन्हें टाल दिया जाता है।

क्या है ..? शिक्षा क्रर्मियो का एरियर्स

पंचायत एवं नगरीय निकाय में कार्यरत हैं शिक्षाकर्मीयो को समय-समय पर शासन द्वारा वेतन भत्ते की बढ़ोतरी की जाती रही है।कुछ शिक्षाकर्मियों को 2 वर्ष परिवीक्षा अवधि के दौरान वार्षिक वेतन वृद्धि नहीं होता है तीसरे वर्ष नियमितीकरण के पश्चात पिछले 2 वर्ष के वेतन वृद्धि का एरीयर्स दिया जाता है।कई बार नियमितीकरण आदेश निकलने में देर हो जाती है कई शिक्षाकर्मियों का नियमितीकरण आदेश 3 से 5 वर्ष सेवा पूर्ण करने के पश्चात निकाला गया है।इस परिवीक्षा अवधी समाप्त होने के बाद 2 वर्षों के दौरान वेतन में जुड़ने वाले वेतन वृद्धि का अंतर राशि बाद में इकट्ठा देने का प्रावधान है।पर यह प्रदेश के अधिकांश शिक्षकों को मिल नहीं पाते हैं जो शासन के पास जमा रहते हैं।

शिक्षाकर्मियों को प्रत्येक वर्ष में उनके वेतन में एक निश्चित राशि की वार्षिक वृद्धि भी होती है। कई शिक्षाकर्मियों को यह बढ़ी हुई वेतन वृद्धि उनके वेतन में जोड़ी नहीं जाती है। सात वर्ष की सेवा अवधि पूरी कर चुके शिक्षकों को एक समयमान वेतनमान देने का प्रावधान है। जो कि कई शिक्षाकर्मियों के मूल वेतन में समय पर जुड़ नहीं पाता है। इसी प्रकार हर 6 महीने में केंद्र सरकार द्वारा मंहगाई भत्ता में वृद्धि की जाती जिसे राज्य सरकार भी लागू करती है किन्तु शिक्षाकर्मियों के लिए पृथक आदेश निकाले जाते हैं जो समय पर नहीं निकल पाता ।

बाद में आदेश निकलने पर इसका भी एरियर्स बनता है। शिक्षाकर्मियों को 8 वर्ष पूर्ण करने के बाद पुनरीक्षित वेतनमान मिलता है।इसे भी समय पर शिक्षाकर्मियों के वेतन में जोड़ा नहीं जाता। देर से आदेश होने के कारण अंतर राशि का एरीयर्स नहीं मिला पाता है।

कुछ मामलों पदोन्नति के आधार पर वर्ग 3 सहायक शिक्षक पंचायत से वर्ग 2 शिक्षक पंचायत और वर्ग 2 शिक्षक पंचायत से व्यख्याता पंचायत में पदोन्नति होने के दौरान कुछ एक महीने की वेतन की कुछ राशि सरकार के पास शेष रह जाती है।

ऐसा जोड़ते जोड़ते शिक्षाकर्मी की सेवाकाल के दौरान लाखों रुपए की राशि शासन के पास रह जाती है। जिसको एरियास के रूप में भुगतान करने का प्रावधान है ।

CGWALL को व्यख्याता पंचायत संघ के शिक्षा कर्मी नेता कमलेश्वर सिंह ने बताया कि निम्न से उच्च पद पर पूर्व पद की सेवा का गणना कर समतुल्य वेतन पुनरीक्षण का लाभ दिया गया ।जिसमे स्पष्ट है कि पूर्व सेवा की गणना का लाभ वेतन निर्धारण के लिए मिलेगा ।उच्च पद की वरिष्ठता पद धारण करने की तिथि से ही मानी जायेगी ।

वहीँ निम्न से उच्च पद में वेतन निर्धारण के पश्चात एरियर्स के लिए शासन से आबंटन नही होने के बावजूद वेतन आहरण अधिकारियो दुवरा लेन देन कर लाखो रुपया का एरियर्स बाँट दिया गया है जबकि अन्य प्रकार के एरियर्स भुगतान के लिए शासन से आबंटन नही होने का रोना रोया जाता है । शासन से मांग की जाती है नियम विरुद्ध एरियर्स भुगतान की जाँच की जानी चाहिए तथा अन्य एरियर्स के भुगतान के लिए आबंटन जारी किया जाये ।

छत्तीशगढ़ पंचायत व नगरीय निकाय मोर्चा से जुड़े मीडिया पदाधिकारी प्रदीप पांडे का कहना है कि LB संवर्ग के शिक्षको की ये बहुत पुरानी माँग है। हर बार बजट आबंटन के नाम पर इसे दरकिनार कर दिया जाता है। पर अब शिक्षा कर्मी पंचायत विभाग से अलग हो रहे है।इस लिए अब LB संवर्ग के शिक्षको को सरकार जल्द से जल्द एरियर्स का भुगतान कर दे।इस सम्बंध में एक आदेश सोशल मीडया में आदेश भी वयरल हुआ है।

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