तेल कीमतें भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए बड़ा खतरा-मूडीज

नई दिल्ली-मूडीज इंवेस्टर्स सर्विस ने बुधवार को कहा कि बहुसंख्यक भारतीय और विदेशी निवेशकों का मानना है कि तेल की बढ़ी हुई कीमतें देश की अर्थव्यवस्था के लिए एक बड़ा खतरा बनकर उभरा है।अमेरिकी रेटिंग एजेंसी की यह रपट इस वर्ष जून में मुंबई और सिंगापुर में हुए वार्षिक इंडिया क्रेडिट कांफ्रेंस में शामिल 100 से ज्यादा वित्तीय संस्थानों सहित कुल 175 प्रतिभागियों पर आधारित है।निवेशकों से भारतीय अर्थव्यवस्था में शीर्ष खतरे, राजकोषीय घाटा, सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के लिए पुनर्पूंजीकरण पैकेज, भारतीय निगमों के लिए क्रेडिट स्थितियां समेत अन्य प्रश्न पूछे गए।मूडीज के उपाध्यक्ष जॉय रेनकोथेज ने रपट में कहा है, “सिंगापुर में अधिकतर प्रतिभागियों ने तेल की बढ़ती कीमतों को शीर्ष खतरा बताया, जबकि 30.3 प्रतिशत लोगों ने बढ़ती ब्याज दरों को दूसरा शीर्ष स्तर का खतरा बताया। मुंबई में 23.1 प्रतिशत लोगों ने घरेलू राजनीतिक खतरे को दूसरा सबसे बड़ा खतरा बताया।”जवाब देने वालों में अधिकतर लोगों ने कहा कि भारत मौजूदा वित्तीय वर्ष में केंद्र सरकार के जीडीपी के 3.3 प्रतिशत राजकोषीय घाटे के लक्ष्य को प्राप्त नहीं कर सकेगा।

सिंगापुर में केवल 23.3 प्रतिशत और मुंबई में केवल 13.6 प्रतिशत निवेशकों ने माना कि वित्तीय लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है, जबकि मुंबई में 84.7 प्रतिशत और सिंगापुर में 76.7 प्रतिशत निवेशकों ने कुछ वित्तीय गिरावट की ओर इशारा किया।बैंकों के पुनर्पूजीकरण की सरकार की योजना पर, सिंगापुर में 85.7 प्रतिशत और मुंबई में 93.6 प्रतिशत निवेशकों का मानना है कि यह गैरनिष्पादित संपत्तियां(एनपीए), बैंकों के खराब ऋण की चुनौतियों से निपटने में सक्षम नहीं है।इसी संबंध में, 59.6 प्रतिशत लोगों ने मुंबई में और 32.1 प्रतिशत लोगों ने सिंगापुर में माना कि बैंक बाजार से पूंजी उत्पन्न करने में सक्षम नहीं हैं।

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