संविलियन के साथ संघर्ष का जन्म,कर्मोंन्नति वेतन नही मिलने से प्रदेश भर के वर्ग 03 सरकार से नाखुश


रायपुर-
छत्तीसगढ़ के शिक्षा के इतिहास में आज सुनहरा अक्षरों में लिखा जायेगा कि प्रदेश में शिक्षाकर्मी व्यवस्था को खत्म कर सरकार ने प्रदेश के 1 लाख तीन हजार शिक्षाकर्मियों को शासकीय करण के आदेश जारी कर दिये।शिक्षा सचिव गौरव दिवेदी ने जारी आदेश में 8 साल की सेवा अवधि पूर्ण कर चुके शिक्षा कर्मियों को शिक्षक एल बी बनाने के आदेश जारी कर एक जुलाई से प्रभावशील करने अधीनस्थ अधिकारियों को प्रक्रिया शीघ्र पूर्ण करने के आदेश जारी किये ।वही तीन संवर्ग के शिक्षा कर्मियों में प्रदेश के बहुसंख्यक शिक्षक वर्ग 3 के नफे नुकसान पर चर्चा करते हुये वर्ग 3 संघर्ष मोर्चा के प्रदेश संयोजक ईदरीश खान ने कहा कि प्रदेश के शासकीयकरण संविलियन के आदेश का स्वागत है सरकार का आभार है। परंतु सरकार के आदेश ने बिना कर्मोन्न्ती के बिना विचार कर वर्ग 3 के एक लाख चौबीस हजार शिक्षकों को संविलियन के साथ संघर्ष को जन्म दे दिया वरिष्ठता का लाभ के साथ क्रमोन्न्त वेतन दिया जाना चाहिये।

जिससे बहुसंख्यक सहायक शिक्षकों का भला हो सके अगर क्रमोन्न्त वेतन दिया जाता है तब कहीं शिक्षाकर्मियों के बड़े और प्रभावी वर्ग को संतुष्ट कर पायेगी नही तो वर्ग 3के शिक्षकों में असन्तोष बढ़ेगा मुख्यमंत्री महोदय से निवेदन है की सरकार के द्वारा किये सवीलीयन का स्वागत करते है और वर्गों के बीच वेतन अंतर को समानुपातिक करते हुये वर्ग 3के साथ न्याय किया जाय संघर्ष मोर्चा शीघ्र प्रांत स्तरीय समीक्षा बैठक कर सवीलीयन में वेतन विसंगतियों पर चर्चा कर अगली रणनीति तय करेगी। कोर कमेटी की बैठक न्याय धानी में रखी जायेगी । इस अवसर पर संघर्ष मोर्चा के शिव सारथी,जाकेस साहू ,सुखनंदन यादव,कृष्णा वर्मा,इरफान,एलन साहू,उत्तम कुमार देवागण ,छोटेलाल साहू सहित प्रदेश के वर्ग 3संघर्ष मोर्चा कोर कमेटी के सदस्य शामिल रहे ।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *