अटल ने की CBI जांच की मांग..कहा-हवाई पट्टी निर्माण में भ्रष्टाचार,डीजीसीए रिपोर्ट का दिया हवाला


बिलासपुर—डीजीसीए की रिपोर्ट ने बिलासपुर समेत पूरे छत्तीसगढ़ में ब्याप्त भ्रष्टाचार का खुलासा कर दिया है। ऐसा दावा कांग्रेस नेताओं ने किया है। कांग्रेसियों के अनुसार डीजीसीए ने चकरभाठा हवाई पट्टी को लेकर जो खुलासा किया है । वह सरकार और स्थानीय मंत्री के दावे की पोल खोलने के लिए काफी है।प्रदेश महामंत्री अटल श्रीवास्तव ने कहा कि कांग्रेस पार्टी प्रदेश में भ्रष्टाचार को प्रमुखता से उठाती रही है। छत्तीसगढ़ सरकार का विकास मॉडल भ्रष्टाचार का सबसे बड़ा नमूना है। अब डायरेक्टर जनरल ऑफ सिविल एविएशन की 5 सदस्यीय टीम ने प्रमाणित कर दिया कि छत्तीसगढ़ में भ्रष्टाचार का क्या आलम है ?अटल ने कहा कि एक तऱफ शहर को हवाई सेवा का सब्जबाग दिखाया जा रहा है। लेकिन डीजीसीए की टीम ने सच्चाई को उजागर कर भाजपा नेताओं के चुनावी वैतरणी पार करने के मंसूबों पर पानी फेर दिया है। श्रीवास्तव ने कहा हवाई सेवा बिलासपुर की जनता की बहुप्रतीक्षित मांग है। शहर में कई राष्ट्रीय और राज्य स्तर बड़े उपक्रम संचालित हैं। इनमें उच्च न्यायालय ,केंद्रीय विश्वविद्यालय.एसईसील,एनटीपीसी समेत कई संस्थानों का नाम विशेष रूप से शामिल है।

                   ऐसे में भ्रष्टाचार के नाम पर जंन सुविधाओ को रोकना अपराध है। अटल ने प्रेस नोट जारी कर बताया कि डीजीसीए ने रिपोर्ट में बताया है कि चकरभाठा हवाई पट्टी की चौड़ाई को 2 मीटर कम कर बनाया गया है। जो एविएशन मानक पर खतरा नहीं उतरता है।

   प्रेस नोट में अटल ने बताया है कि पीडब्लूडी ने बिलासपुर शहर और आसपास के क्षेत्रों में जितने भी निर्माण किए हैं। सभी में भ्रष्टाचार की बू आ रही है। चाहे बहतराई स्टेडियम का निर्माण हो या फिर विधि अकादमी की बिल्डिंग का निर्माण। सभी के निर्माण में भारी भ्रष्टाचार हुआ है। तुर्काडीह पुल, कंपोजिट बिल्डिंग,सड़क निर्माण, भैंसाझार डैम समेत सभी निर्माण कार्य संतोषजनक नहीं है। विभागों ने भी हैंडओवर लेने की प्रकिया से इंकार कर दिया है । चकरभाठा में बनाए गए करोड़ों रूपए का  आधुनिक और सुसज्जित एयरपोर्ट भी इसी कड़ी का एक हिस्सा है।

                   अटल ने कहा कि यदि टीम बरसात के बाद आती तो प्रशासन इसके लिए बरसाती पानी को जिम्मेदार ठहरा देता। विडंबना है कि छत्तीसगढ़ में पीडब्लूडी के सारे बड़े काम भाजपा नेता या सहयोगिंयो के हाथ में  है। यही कारण है कि ईमानदार जांच अधिकारी कुछ भी बोलने से बचते हैं। श्रीवास्तव ने कहा कि पिछले 15 सालों में भ्रष्टाचार चरम पर पहुंच गया है। बेहतर होगा कि हवाईपट्टी मामले की जांच सीबीआई या न्यायिक आयोग से कराई जाए।

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