विधायक अमरजीत का पत्थरगढ़ी पर बोल..बर्बर तरीके से तोड़ी गयी शिलाएं..RSS और भाजपा को ठहराया विवाद का जिम्मेदार

बिलासपुर– कांग्रेस भवन में पत्रकारों से बातचीत के दौरान सीतापुर विधायक प्रदेश अनुसूचजित जनजाति मोर्चा अध्यक्ष अमरजीत ने कहा कि भाजपा शासन में आदिवासायों के साथ अन्याय हुआ है। पहले जमीन हड़पने की साजिश की गयी। विरोध होने के बाद सरकार को कदम वापस लेना पड़ा। तेंदूपत्ता समेत लघुवनोपज मूल्यों में भारी कटौती की गयी। आदिवासियों को नक्सली बनाकर बंदूक का निशाना बनाया जा रहा है। पत्थरगढ़ी मामले में आदिवासियों को बेवजह प्रताड़ित किया जा रहा है। आदिवासियों पर अत्याचार को कांग्रेस पार्टी हरगिज नहीं बर्दास्त करेगी। सड़क से लेकर सदन तक उग्र आंदोलन किया जाएगा।

                        सीतापुर कांग्रेस विधायक अमरजीत भगत ने कहा कि पत्थरगढ़ी भाजपा और आरएसएस का पैदा किया विवाद है। विवाद को बर्बर तरीके से हैण्डल किया गया। आदिवासी समाज में सरकार के खिलाफ भंयकर आक्रोश है। आदिवासी समाज के मुखियों को जेल भेजा गया। दरअसल सरकार चुन चुन कर किसी न किसी बहाने आदिवासियों को प्रताड़ित कर रही है।

                     क्या पत्थरगढी के खिलाफ चलाया गया अभियान गलत था…सवाल के जवाब में अमरजीत ने कहा कि बर्बर कार्रवाई नहीं होनी चाहिे। क्योंकि आदिवासियों ने शिलालेख ही तो गाड़ा था। शिलालेख को बर्बर तरीके से तोड़ा गया। तोड़ने के पहले अतिक्रमण नोटिस दिया जाना जरूरी था। लेकिन शासन ने नोटिस भेजना मुनासिब नही समझा। उल्टा गलत तरीके से तोड़फोड़ करना शुरू कर दिया।

       अमरजीत ने बताया कि अधिकारियों को अधिकार मिलना चाहिए। शोषण के खिलाफ अादिवासियों ने आवाज बुलंद की। आवाज को बर्बर तरीके से उठाना गलत है।

               जब अतिक्रण हुआ तो नोटिस की जरूरत क्यों..इसका मतलब है कि कांग्रेस पार्टी और नेता पत्थरगढ़ी का समर्थन करते हैं। सवाल का जवाब देते हुए अमरजीत ने कहा कि कांग्रेस पार्टी आदिवासी हितो के साथ है। लेकिन जिस तरह की कार्रवाई हुई ऐसा नहीं होना चाहिए था। हम मामले को सदन में उठाएंगे। सड़क पर उतरकर आंदोलन करेंगे। शोषण के खिलाफ आवाज उठाना संवैधानिक अधिकार है। पत्थरग़ढ़ी के सवाल पर खुद को फंसते देख कांग्रेस आदिवासी नेता ने अपने आपको संभाला और कहा कि संविधान सर्वोपरि है। कार्रवाई संविधानिक तरीके से होना चाहिए। इस दौरान उन्होने पत्थरगढ़ी के लिए जिम्मेदार भाजपा और आरएसएस को ढहराया। उन्होने कहा कि पहले आरएसएस और भाजपा नेताओं ने हवा दी इसके बाद तंत्र ने बर्बर कार्रवाई की।

                 विधानसभा में कितनी आदिवासी सीट जीतेंगे। अमरजीत ने कहा कि प्रदेश के सभी 29 आदिवासी सीटों पर कांग्रेस की जीत होगी। पार्टी को 60 सीट मिलेंगे। कांग्रेस पार्टी की सरकार बनेगी।

जब 29 सीट आदिवासी जीतेंगे तो जाहिर सी बात है मुख्यमंत्री भी आदिवासी ही होगा। भगत ने बताया कि मुख्यमंत्री का फैसला हाईकमान को तय करना है। हमारा काम पार्टी के दिशा निर्देश पर चलते हुए ना केवल आदिवासी और अन्य सीट जीतना है। बल्कि सरकार भी बनाना है।

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