छत्तीसगढ़ के एक करोड़ से ज्यादा बच्चों को कृमि नाशक दवा दी जायेगी,मिजल्स और रूबेला रोधी टीकाकरण भी होगा


♦स्वास्थ्य विभाग की राज्य स्तरीय टास्क फोर्स की बैठक सम्पन्न
रायपुर।
राज्य के एक से 19 साल तक के एक करोड़ 11 लाख बच्चों को कृमि नाशक दवा पिलायी जायेगी। इसके लिए 10 सितम्बर को कृमि मुक्ति दिवस मनाया जाएगा। इस अवसर पर इसी दिन से पोलियो टीकाकरण की तर्ज पर विशेष अभियान चलाया जायेगा। इसी तरह से राज्य के सभी 9 माह से 15 साल तक के बच्चों को मिजल्स और रूबेला बीमारी रोधी टीकाकरण किया जायेगा। इसके लिए अगस्त माह में पांच सप्ताह तक विशेष अभियान चलाया जायेगा। यह जानकारी आज यहां मंत्रालय महानदी में स्वास्थ्य विभाग की सचिव श्रीमती निहारिका बारिक की अध्यक्षता में राज्य स्टीयरिंग कमेटी (राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस) एवं राज्य स्तरीय टास्क फोर्स कमेटी नियमित टीकाकरण की बैठक में दी गई। बैठक में मिशन इंद्रधनुष के तहत राज्य के दस आकांक्षी जिलों में टीकाकरण अभियान चलाने के लिए समयबद्ध कार्यक्रम के बारे विस्तार से चर्चा हुई।

स्वास्थ्य सचिव ने विभागीय अधिकारियों  से राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस पर बच्चों को कृमि नाशक दवा देने के लिए राष्ट्रीय पोलियो टीकाकरण की तर्ज पर कार्यक्रम चलाने के निर्देश दिये। इसके लिए स्कूल शिक्षा विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग अनुसूचित जाति, जनजाति विभाग और ग्रामीण विकास विभाग सहित अन्य विभागों से आवश्यक सहयोग लिया जायेगा।

स्वास्थ्य सचिव ने इस व्यापक अभियान के लिए लोगों की सहभागिता और जागरूकता के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को दिये। इसी तरह से मिजल्स और रूबेला रोगों से बचाव के लिए भी विशेष अभियान चलाने की समझाइश दी। इसके तहत छह अगस्त 2018 से लगातार पांच सप्ताह तक राज्य के सभी जिलों में विशेष अभियान चलाकर 9 माह से 15 वर्ष तक शत-प्रतिशत बच्चों का टीकाकरण करने का अभियान चलाया जाएगा। बैठक में बताया गया कि ग्राम स्वराज अभियान  के दूसरे चरण में मिशन इन्द्रधनुष के तहत राज्य के दस आकांक्षी जिलों में बस्तर, बीजापुर, दंतेवाड़ा, कोण्डागांव, कोरबा, महासमुंद, नारायणपुर, राजनांदगांव, सुकमा और कांकेर जिलों के बच्चों के समयबद्ध कार्यक्रम के तहत शत-प्रतिशत बच्चों को बीमारियों से बचाव के लिए टीकाकरण किया जा रहा है।

इस अवसर पर स्वास्थ्य विभाग, स्कूल शिक्षा, अनुसूचित जाति जनजाति विभाग, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, शहरी स्वास्थ्य मिशन, महिला बाल विकास विभाग, नगरीय प्रशासन के अधिकारी सहित केन्द्रीय विद्यालय नवोदय विद्यालय, मदरसा और निजी स्कूलों के प्रतिनिधि भी मौजूद थे।

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