कर्मचारी-अधिकारी आँदोलन तेज होने के संकेत…… सरकार बना रही हड़ताली कर्मचारियों की लिस्ट … जवाब में 21 जुलाई को वादा निभाओँ महारैली

रायपुर।  छत्तीसगढ़ के सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों का आंदोलन और तेज होने के संकेत मिल रहे हैं ।  इस संबंध में 27 जून को  छत्तीसगढ़ अधिकारी कर्मचारी फेडरेशन ने एक  दिन अवकाश लेकर हड़ताल की थी  । इस पर सामान्य प्रशासन विभाग ने एक पत्र जारी कर बिना अवकाश स्वीकृत कराए कार्यालय से गैरहाजिर रहने वाले कर्मचारियों की सूची बनाने के निर्देश दिए हैं ।  इसके जवाब में फेडरेशन की ओर से 21 जुलाई को वादा निभाओ महारैली के आयोजन का फैसला किया गया  है  । जिसमें प्रदेश भर के एक लाख कर्मचारी अपनी ताकत दिखाएंगे  ।
जैसा कि मालूम है कि छत्तीसगढ़ अधिकारी कर्मचारी फेडरेशन ने 2013 के विधानसभा चुनाव में  कर्मचारियों के लिए भाजपा की ओर से किए गए वादों को पूरा करने की मांग को लेकर पिछले 27 जून को  1 दिन अवकाश लेकर हड़ताल की थी ।  जिसका छत्तीसगढ़ के सभी 27 जिलों में व्यापक असर देखा गया था ।  इस हड़ताल की वजह से सरकारी कार्यालयों में कामकाज ठप रहा ।  कर्मचारियों ने अपने-अपने जिलों में रैली करके छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव के नाम जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा ।  जिसमें मांग की गई थी की 2013 के चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने कर्मचारियों के लिए अपने घोषणापत्र (  संकल्प पत्र )  में जो वादे किए थे ।  वह अब तक पूरे नहीं किए गए हैं ।  इन वादों को शीघ्र पूर्ण पूरा किया जाना चाहिए  । इन मांगों में प्रमुख रुप से कर्मचारियों की वेतन विसंगति – पदोन्नति और वेतनमान की मांग प्रमुख है ।
उधर इस आंदोलन के सिलसिले में 27 जून की तारीख पर  ही छत्तीसगढ़ शासन के सामान्य प्रशासन विभाग (  शासकीय कर्मचारी कल्याण शाखा  ) की ओर से शासन के सभी विभाग अध्यक्ष ,राजस्व मंडल ,समस्त विभाग विभागाध्यक्ष, समस्त  संभागायुक्त और समस्त कलेक्टर को एक पत्र भेजा गया है। यह पत्र छत्तीसगढ़ अधिकारी कर्मचारी फेडरेशन की ओर से 27 जून को आयोजित प्रदेशव्यापी हड़ताल के संबंध में है ।  इसमें कहा गया है कि छत्तीसगढ़ अधिकारी कर्मचारी की ओर से 27 जून को प्रदेशव्यापी हड़ताल पर जाने की सूचना समाचार पत्र के माध्यम से प्राप्त हुई है ।  इस संबंध में निर्देश है कि यदि आपके  अधीनस्थ कोई अधिकारी कर्मचारी अनाधिकृत रूप से कार्य में उपस्थित रहे हैं ।  उनके विरुद्ध इस विभाग के परिपत्र के अनुसार कार्यवाही करते हुए हड़ताल के दिन जो अधिकारी कर्मचारी बिना अवकाश स्वीकृत कराए कार्यालय से उपस्थित रहे हैं उनकी सूची बना ली जाए और प्रपत्र में जानकारी के साथ सामान्य प्रशासन विभाग को उपलब्ध कराई जाए ।
शासन के इस पत्र के जवाब में   छत्तीसगढ के सरकारी अधिकारी और कर्मचारियों का आंदोलने और तेज होने के संकेत मिल रहे हैं। इस संबंघ में फेडरेशन के नेता और छत्तीसगढ़ प्रदेश तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ के प्रांताध्यक्ष पी.आर यादव ने कहा कि  राज्य शासन अलोकतांत्रिक तरीके से दमनात्मक  कार्यवाही आरंभ कर कर्मचारियों को निर्णायक आंदोलन के लिए प्रेरित कर रही है ।शासन के इच्छा के अनुरूप फेडरेशन ने भी आर-पार की लड़ाई का आव्हान कर दिया है ।1 दिन का वेतन काटने से  दुगने जोश और उत्साह से 21 जुलाई के वादा निभाओ महारैली को 1 लाख से अधिक कर्मचारी भाग लेकर सफल बनाएंगे।उन्होने कहा कि सरकार के दमनात्मक रवैये से अभ कर्मचारियों- अधिकारियों के आँदोलन की सफलता की गारंटी हो गई है। उन्होने कहा कि कर्मचारियों – अधिकारियों ने पिछले चार साल से लगातार अपनी बात उठाई है और हर बार आश्वाशन मिलता रहा। अब तक सरकार की ओर से सकारात्मक कदम न उठाए जाने की वजह से कर्मचारियों ने बाकायदा एक दिन का अवकाश लेकर प्रारंभिक तौर पर सांकेतिक हड़ताल की है। लेकिन यदि इसके बदले कर्मचारियों के वेतन काटने  और सर्विस ब्रेक करने जैसी कार्रवाई की धमकी दी जा रही है तो कर्मचारी – अधिकारी भी चुनाव तक अपनी लड़ाई लड़ेंगे। 21 जुलाई को आयोजित  वादा निभाओँ महारैली में एक लाख से अधिक कर्मचारी – अधिकारी भाग लेकर इसे सफल बनाएँगे।

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