दस आकांक्षी जिलों में 15 अगस्त तक चलेगा ग्राम स्वराज अभियान,सीएस ने की प्रगति की समीक्षा

रायपुर।राज्य के दस आकांक्षी जिलों के एक हजार से अधिक आबादी वाले 1870 गांवों में एक जून से 15 अगस्त तक ग्राम स्वराज अभियान का संचालन किया जा रहा है। इन गांवों में भारत सरकार की सात महत्वकांक्षी योजनाओं मिशन इंद्रधनुष, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना, प्रधानमंत्री जन-धन योजना, प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना, सौभाग्य सहज बिजली हर घर योजना और उजाला योजना का लाभ शत-प्रतिशत लोगों को दिया जाना है। इसके साथ ही इन गांवों में कृषि, स्वास्थ्य एवं पोषण, युवाओं के कौशल विकास, स्कूली शिक्षा में सुधार के क्षेत्र में भी विशेष रूप से कार्य किये जाएंगे। मुख्य सचिव अजय सिंह की अध्यक्षता में मंत्रालय में अभियान की अब तक की उपलब्धि की समीक्षा की गयी। मुख्य सचिव ने इन गांवों के निवासियों को समस्त योजनाओं का लाभ दिलाये जाने के निर्देश दिए।

इन जिलों में उज्ज्वला योजना के तहत अब तक तीन हजार 143 गैस कनेक्शन, सौभाग्य योजना के तहत दस हजार 663 विद्युत कनेक्शन, जन-धन योजना के तहत चार हजार 222 खाते, जीवन ज्योति बीमा योजना के तहत तीन हजार 252 लोगों का बीमा और सुरक्षा बीमा योजना  के तहत पांच हजार 231 लोगों का बीमा कराया गया है। इन गांवों के दो वर्ष तक के बच्चें और गर्भवती महिलाओं का टीकाकरण और एलईडी बल्ब का वितरण शत-प्रतिशत करने का लक्ष्य रखा गया है।

इस अभियान के तहत बस्तर जिले के 259 गांव, बीजापुर के 37 गांव, दंतेवाड़ा के 77 गांव, कोण्डागांव के 185 गांव, कोरबा के 288 गांव, महासमुंद के 290 गांव, नारायणपुर के 20 गांव, राजनांदगांव के 450 गांव, सुकमा के 70 गांव और कांकेर जिले के 194 गांवों को शामिल किया गया है। इन गांवों में प्रधानमंत्री की सात योजनाओं के साथ ही कृषि कल्याण अभियान चलाया जा रहा है। जिसके तहत मिट्टी परीक्षण कार्ड, दलहन-तिलहन के मिनीकिट््स दिये जा रहे है। साथ ही  प्रत्येक परिवार में पांच बांस के पौधे वितरित किये जा रहे है। इन गांवों में कम्पोस्ट खाद बनाने के लिए पिट का निर्माण किया जा रहा है। इन गांवों के जानवरों का कृत्रिम गर्भाधान भी किया जा रहा है और कृषि उपकरण बांटे जा रहे है। स्वास्थ्य के क्षेत्र में सुधार के लिए प्रत्येक जिले मंे पांच क्रियाशील वेलनेस सेंटर स्थापित किये जा रहें है। इन जिलों में टी.बी. के रोगियों की विशेष देखभाल की जाएगी। इसके लिए टी.बी. के रोगियों को चिन्हांकित कर आवश्यक दवाईयां और पोषक आहार दिये जा रहें है। इन गांवों में ग्रामीण स्वास्थ्य एवं पोषण दिवस का आयोजन समुदाय के सहयोग से किया जा रहा है।

इन जिलों में प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना और आई.टी.आई के माध्यम से युवाओं को प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। गांवों के शालाओं में लड़कियों के पृथक शौचालय, शुद्ध पेयजल की व्यवस्था, किताबों का वितरण और बुक बैंक योजना का संचालन किया जा रहा है। बैठक में अपर मुख्य सचिव कृषि सुनील कुजूर, अपर मुख्य सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास आर.पी.मण्डल, प्रमुख सचिव वित्त अमिताभ जैन, सचिव स्कूल शिक्षा गौरव द्विवेदी, सचिव महिला एवं बाल विकास डॉ एम.गीता, सचिव स्वास्थ्य निहारिका बारिक, विशेष सचिव ऊर्जा सिद्धार्थ कोमल परदेशी सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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