नहीं बदला सत्ता का चरित्र..वरिष्ठ पत्रकार गिरीश पंकज ने कहा…पत्रकारिता में वंचितों को रहे प्राथमिकता

बिलासपुर—कोई भी बड़ी लड़ाई अख़बार के सहभागिता के बिना आज नहीं लड़ी गयी है। पत्रकारिता धन से अघाये लोगों के लिए नहीं …  बल्कि पत्रकारिता का सरोकार तब है जब पत्रकारिता वंचितों के लिए हो । सत्ता का चरित्र अभी भी बदला नहीं है । जैसे आजादी से पहले था आज भी सत्ता का चरित्र कमोबेश वही है। अख़बार का एक एक पन्ना वंचितों की पीड़ा को उभारे। ना कि कथित धनपशुओं के दवाब में अख़बार निकले ।

             यह बातें मीडिया विमर्श में वरिष्ठ पत्रकार गिरीश पंकज ने कही। उन्होने कहा सामाजिक सरोकार के विषय पर आयोजित विमर्श में कहा पत्रकारिता निष्पक्ष,बेवाक और ईमानदारी के साथ होनी चाहिए। बिलासपुर प्रेसक्लब और इवनिंग टाइम्स के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में पत्रकारिता के सामाजिक सरोकार पर कई वक्ताओं ने अपने विचारों को पेश किया।

                      अन्य वक्ताओं ने कहा कि पत्रकारिता का सरोकार समाज पर किसी एक परिधि तक सीमित ना होकर सब पर पड़े।  इस बात का ध्यान सभी पत्रकारों को रखना होगा।  भले ही आज की पत्रकारिता की लाख आलोचना क्यों ना हो लेकिन उम्मीदें अभी खत्म नहीं हुई है । वक्ताओं ने अंग्रेजी हुकूमत के बागी पत्रकार जेम्स ऑगस्टस हिकी और भारतेंदु हरिश्चंद्र जैसे नामी गिरामी व्यक्तित्व का उदाहरण देकर पत्रकारिता के मूल्यों को साझा किया ।

                      इस अवसर पर जाने माने पत्रकार ज्ञान अवस्थी के पत्रकारिता जगत में अमूल्य योगदान के लिये सम्मानित किया गया । सीबीएसई में पूरे भारतवर्ष में दूसरा स्थान बनाने वाली बिलासपुर की बेटी साक्षी भागड़ीकर और प्रदेश की सेकेंड बोर्ड टॉपर संध्या कौशिक को भी सम्मानित किया गया ।

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