शिक्षा कर्मियों के संविलियन की घोषणा का संजय शर्मा ने किया स्वागतः वेतन विसंगति दूर हो तभी आएगा संघर्ष का सुखद परिणाम

बिलासपुर  । शिक्षक (पं/न.नि.) मोर्चा के  प्रदेश संचालक संजय शर्मा नें अम्बिकापुर की सभा में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष  अमित शाह की उपस्थिति में मुख्यमंत्री डॉ.रमन सिंह द्वारा शिक्षाकर्मियों के संविलियन किये जाने के बहुप्रतीक्षित मांग पर की गई घोषणा को स्वागतेय बताते हुए कहा कि उनका यह कदम शिक्षाकर्मियों के समस्याओं का स्थायी समाधान की दिशा में प्रशंसनीय कदम होगा।
       संजय शर्मा ने मुख्यमंत्री की इस घोषणा को शिक्षाकर्मियों के 23 वर्षो के लंबे संघर्ष की जीत बताते हुए शिक्षाकर्मियों को इसके लिए  बधाई दी है। साथ ही  कहा कि इस संघर्ष का परिणाम तभी सार्थक होगा जब प्रदेश के 1 लाख अस्सी हजार शिक्षाकर्मियो का शिक्षा/आ.जा.क. विभाग में सहायक शिक्षक ,शिक्षक और व्याख्याता के पद पर उनके वेतन विसंगति को दूर कर संविलयित किये जाएगें।  उन्होनें घोषणा के लिए  मुख्यमंत्री  का आभार जताते हुए आग्रह किया वे शीघ्र केबिनेट में निर्णय लेकर अपनी घोषणा एवं शिक्षाकर्मियों के सपनो को साकार करें।सरकार के इस निर्णय से न केवल शिक्षाकर्मियों की दशा सुधरेगी बल्कि इससे छत्तीसगढ़ के शैक्षणिक परिदृश्य में भी आमूलचूल परिवर्तन होगा। यदि उपरोक्तानुसार समुचित संविलियन आदेश जारी होता है तो निश्चित रूप से इस  सरकार को शिक्षाकर्मियों का विश्वास हासिल हो सकेगा ।
       शिक्षक मोर्चा के प्रदेश संचालक संजय शर्मा, प्रदेश उप संचालक हरेंद्र सिंह, देवनाथ साहू, बसंत चतुर्वेदी, प्रवीण श्रीवास्तव, विनोद गुप्ता, मनोज सनाढ्य, शैलेन्द्र पारीक, सुधीर प्रधान, विवेक दुबे ने मुख्यमंत्री जी से मांग करते हुए  छत्तीसगढ़ में “समतुल्य वेतन निर्धारण की विसंगति दूर करते हुए समानुपातिक, क्रमोन्नति के आधार पर छठवे ( समतुल्य/ पुनरीक्षित) वेतनमान का निर्धारण कर विद्यमान वेतन पर सातवें वेतनमान के निर्धारण का लाभ देते हुए व्याख्याता, शिक्षक, सहायक शिक्षक के पद पर ही संविलियन की स्वीकार्यता को पुनः दुहराया”।

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