..पेन्ड्रा एसडीएम ने दिया रिपोर्ट…किसान पर नहीं था कर्ज…खाते में एक लाख से अधिक रूपए अभी भी जमा

 बिलासपुर—मरवाही विकासखण्ड के पिपरिया निवासी किसान सुरेश मरावी पिता निरंजन मरावी आत्महत्या मामले की रिपोर्ट जिला प्रशासन को सुपुर्द कर दिया गया है। रिपोर्ट के अनुसार ने आत्महत्या ऋण से परेशान होकर नहीं किया है। कर्ज से परेशान होकर आत्महत्या की खबर तत्थहीन है।  क्योंकि जांच पड़ताल के दौरान किसान पर किसी प्रकार का ऋण होना नहीं पाया गया है।

                       मालूम हो कि 7 जून को मरवाही विकासखंड के पिपरिया निवासी किसान सुरेश सिंह मराबी पिता निरंजन सिंह मराबी ने अपने ससुराल पेन्ड्रा स्थित कुदरी में 7 जून 2018 को फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। मामले में मरवाही विधायक अमित जोगी ने मुख्य सचिव समेत प्रशासन के अलाधिकारियों पत्र लिख अवगत कराया कि किसान ने अधिक कर्ज से परेशान होकर आत्महत्या की है। आदिम जाति सेवा सहकारी समिति मर्यादित बैंक के अधिकारी लगातार कर्ज चुकाने का दबाव डाल रहे थे। किसान पर खाद बीज का 1लाख 50 हजार 606 रूपए रुपये और 28 हजार 338 रूपए का कर्ज था। लगातार मानसिक प्रताड़ना से परेशान होकर सुरेश सिंह मराबी ने फांसी लगाकर आत्महत्या की है।

मामले को जिला प्रशासन ने गंभीरता से लेते हुए अनुविभागीय अधिकारी पेंड्रा रोड को जांच का आदेश दिया। पेन्ड्रा एसडीएम नूतन कंवर ने जांच के बाद कलेक्टर पी.दयानन्द को रिपोर्ट सौंप दिया है। रिपोर्ट के अनुसार किसान सुरेश सिंह मराबी पर शासन की तरफ से किसी प्रकार का कर्ज नहीं था। बल्कि उसके खाते में फसल नुकसान के बाद बीमा राशि को भी जमा किया जा चुका है। उसके खाते के जांच पड़ताल के बाद सारा मामला सामने आया है।

नूतन कंवर ने कलेक्टर को दिए रिपोर्ट में बताया है कि किसान के ऋण खाते में कर्ज राशि शेष नहीं है। स्व सुरेश सिंह आदिम जाति सेवा सहकारी समिति मर्यादित लरकेनी से साल 2017-18 में किसान क्रेडिट कार्ड से 1 लाख 50 हजार 840 रूपये ऋण लिया था। लेकिन पिछले साल  सूखा पड़ने के कारण शासन ने ऋण राशि को तीन साल के लिये परिवर्तन कर दिया। ऋण परिवर्तन के कारण कृषक के ऋण खाते में कोई राशि शेष नहीं है।

रिपोर्ट के अनुसार सुरेश मरावी को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत 1 लाख 79 हजार 547 रूपये बीमा क्लेम की राशि मिली है। राशि किसान के बचत खाते में जमा कर दी गई है। कृषक के बचत खाते में आज दिनांक तक कुल 1 लाख 83 हजार 190 रूपये जमा हैं। कृषक सुरेश के खाते में कुल 20 एकड़ 60 डिसिमिल जमीन है। साल 2017-18 में तहसील पेंड्रा सूखाग्रस्त होने के कारण सुरेश मरावी को 13 हजार 855 रूपये दिए गये थे। स्पष्ट है कि सुरेश मरावी पर कोई ऋण राशि नहीं थी। सुरेश सिंह पर ऋण को लेकर किसी प्रकार का दबाव भी नहीं था। कर्ज से परेशान होकर आत्महत्या करने का सवाल ही नहीं उठता है।

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