..जब महाप्रबंधक सोईन ने कहा..मात्र 1 दिन से दुूर नहीं होगी समस्या…मिलकर 365 दिन करें प्रयास..प्लास्टिक का हो बहिष्कार

बिलासपुर— विश्व पर्यावरण दिवस पर रेलवे स्थित नार्थ ईस्ट इंस्टीट्यूट में विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान पर्यावरण संरक्षण को लेकर अतिथियों ने अपनी बातों को उपस्थित लोगों के सामने पेश किया। कार्यक्रम का संचालन कर रहे रेलवे अधिकारी और जीएम सचिव हिमांशु जैन ने बताया कि आज पर्यावरण संरक्षण को लेकर भारत विश्व की अगुवाई कर रहा है। इस साल भारत ने वेस्ट पलुशन अभियान के खिलाफ जंग का एलान किया है। एनई इंस्टीट्यूट में आयोजित कार्यक्रम के दौरान प्रोजेक्टर के माध्यम से स्वच्छता को लेकर चलाए जा रहे रेल प्रशासन के अभियान की जानकारी दी। कार्यक्रम में सफाई अभियान के क्षेत्र में काम करने वालों को जीएम ने सम्मानित भी किया।

                          कार्यक्रम की शुरूआत दीप प्रज्जवलन के साथ शुऱू हुआ। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे महाप्रबंधक एस.के.सोईन,धर्म पत्नी नम्रता सोईन,एजीएम अनिल कुमार और बिलासपुर निगम आयुक्त सौमिल रंजन ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारम्भ किया।

                             इस दौरान दीपांशु जैन ने मंच संभालते हुए रेलवे की उपलब्धियों पर प्रकाश डाला। अतिथियों ने उपस्थित लोगों को संबोधित किया। अपने संक्षिप्त भाषण में महाप्रबंधक सुनील कुमार सोईन ने सबसे पहले उपस्थित लोगों के साथ बिलासपुर वासियों को विश्व पर्यावरण की शुभकामनाएं दी। सोईन ने कहा कि यह मानना हमारी बहुत बड़ी भूल होगी कि मात्र एक दिन पर्यावरण संरक्षण की दुहाई देने से पर्यावरण की समस्या रातों रात हल हो जाएगी। इसके लिए हमें पर्यावरण संरक्षण की दिशा में मिलजुलकर काम करना होगा। लगातार ईमानदारी के साथ भविष्य की पीढ़ी के लिए जूझना होगा।

              सोईन ने बताया कि हमें आज के बारे में सोचकर आने वाले कल और आने वाली पीढियों के लिए पर्यावरण को संरक्षित करना होगा। उन्होने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति के छोटे छोटे प्रयास से बेहतर परिणाम हासिल किया जा सकता है। इसलिए हमें अपने स्तर पर पर्यावरण के प्रति सचेत रहकर ना केवल पौध रोपण करना होगा। बल्कि पेड़ों को समेकित प्रयास से बचाना भी होगा। पौधों का संरक्षण भी करना होगा।

                        एसईसीआर महाप्रबंधक सोईन ने कहा कि इस बार विश्व पर्यावरण दिवस का थीम वेस्ट प्लास्टिक अभियान को लेकर है। मैं बताना चाहता हूं कि पर्यावरण को यदि सबसे ज्यादा नुकसान यदि किसी ने पहुंचाया है तो वह है प्लास्टिक और प्लास्टिक बनी हुई वस्तुओं ने। सभी को मालूम है कि प्लास्टिक नान बायोडिग्रेडेबल तत्व है। यही कारण है कि प्लास्टिक को आसानी से डिस्पोज नहीं किया जा सकता है। इसलिए रेल प्रशासन ने भी ठाना है कि जीवन में प्लास्टिक उपयोग कम से कम करना है।

           सोईन ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि पर्यावरण संरक्षण को लेकर प्रत्येक स्तर पर काफी कुछ प्रयास किया जा रहा है। हमने पिछले तीन सालों में 12 लाख पेड़ लगाए हैं। इस साल 10 लाख पेड़ लगाने का लक्ष्य रखा गया है। बिलासपुर दुर्ग,गोंदिया,कोचिंग डिपो में पांच लाख प्रति लीटर प्रति दिन की क्षमता वाले वाटर रिसाइकलिंग प्लांट लगाए गए हैं। सभी कार्यालय भवन में वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम को बढ़ावा दिया गया है।

                                       हमने सभी स्टेशनो में एईडी को प्राथमिकता के आधार पर लगाया है। साथ ही कुल 848 किलो वाट का सोलर पावर प्लांट लगाए जा चुके हैं। अपने संबोधन के अंत में महाप्रबंधक ने कहा कि हम सब अपने घरों के आस पास ज्यादा से ज्यादा पौधे लगाएं। मिलकर प्लास्टिक का ज्यादा से ज्यादा बहिष्कार करें।

कार्यक्रम के दौरान हीमांशु जैन ने पर्यावरण की उपयोगिता समेत समस्याओं पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम संचालन के दौारन उन्होने पर्यावरण दिवस के उद्देश्यों की भी जानकारी दी।

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