…. मेडिकल कालेजों में बैगाओं का राज..कंबल वाले बाबा कर रहे इलाज..केन्द्रीय मंत्री के बयान पर बोले..कांग्रेस नेता शैलेश नितीन

बिलासपुर— रायपुर में केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री जयप्रकाश नड्डा के पत्रवार्ता के बाद प्रदेश कांग्रेस महामंत्री और संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने तीखा बयान दिया है। प्रेस नोट जारी कर सरकार और केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री सवाल जवाब भी किया। शैलेश नीतिन त्रिवेदी ने कहा है कि प्रदेश का स्वास्थ्य विभाग बीमार है। यहां मरीजों का इलाज कंबल वाले बाबा करते है। यही कारण है कि प्रदेश के मेडिकल कालेजों में बैगाओं का राज चलता है।
                        मालूम हो कि रायपुर में केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने छत्तीसगढ स्वास्थ्यम महकमे की तारीफ की है। केन्द्रीय मंत्री ने पत्रकारों के सवाल पर कहा कि विकास और चुनाव को साथ जोड़कर नहींं देखा जाना चाहिए। कांंग्रेस नेता शैलेश नीतिन त्रिवेदी ने प्रेस नोट जारी कर कहा कि केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री के बयान से जाहिर होता है कि भाजपा सरकार विकास कर पाने में विफल रही है। महंगाई कम करने, 100 दिनों में विदेशों से कालाधन लाकर सबके खातों में 15 लाख जमा करने, हर साल दो करोड़ रोजगार देने में भी विफल रही है। पत्रकारों के सामने केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने विकास कर पाने में विफलता को स्वीकार कर लिया है।
             शैलेश नितिन त्रिवेदी ने प्रेस नोट जारी कर बताया है कि जेपी नड्डा के स्वास्थ्य मंत्री होने के बाद देश के 82 मेडिकल कालेजों में जीरों इयर घोषित होना । स्वास्थ्य सेवाओं के भविष्य और स्वास्थ्य शिक्षा के वर्तमान की स्थिति को उजागर करता है।
                         मालूम हो कि रायपुर में सोमवार को केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा ने पत्रकारवार्ता के दौरान  सरकार की उपलब्धियों को गिनाया। प्रेसवार्ता के बाद कांग्रेस नेता शैलेश ने कहा कि जेपी नड्डा के उपलब्धियों वाले बयान निराधार हैं। अकेले छत्तीसगढ़ में 5 लाख बच्चे कुपोषण का शिकार है। स्वास्थ्य सेवाओं का बुरा हाल है। छत्तीसगढ़ सरकार राज्य के प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र समेत बड़े सरकारी अस्पतालों का निजीकरण करने पर आमादा है। सरकारी अस्पतालों में होने वाले खून जांच, एक्सरे, सीटी स्केन सहित विभिन्न तरह के जांच कार्यो को निजी हाथो में सौपा जा रहा है।
                 त्रिवेदी ने कहा कि भाजपा शासित राज्यों की स्वास्थ्य व्यवस्था बदहाल है। छत्तीसगढ़ के अस्पतालों में चिकित्सको और प्रशिक्षित कर्मचारियों की भारी कमी है। राज्य में 691 पद विशेषज्ञ चिकित्सको के खाली है। शल्य चिकित्सको के 149 पद रिक्त है। चिकित्सको के 517 पद खाली है। नर्सिंग स्टाफ के 1453 पद खाली है, ड्रग इंस्पेक्टर के 33 पद रिक्त है। ऐसे में केन्द्रीय स्वास्थ मंत्री जे.पी नड्डा स्वास्थ्य केन्द्रो में 50 किस्म की दवाई मुफ्त वितरण के खोखले दावे कर उपलब्धियां गिना रहे है।
         कांग्रेस नेता ने बताया कि जब मर्ज की दवा बताने वाले डाॅक्टर अस्पताल में है ही नहीं है तो फिर सरकार किस मर्ज का दवा मुफ्त में मरीजों को दे रही है? नकली दवाई के कारण नसबंदी कांड में 18 महिलाओं की मौत हो चुकी है। बार-बार हो रहे अंखफोड़वा कांड में 50 से अधिक लोगो की आंख खराब हो चुकी है। पैसों के लिये महिलाओं के गर्भाशय निकाले जा रहे हैं।
                    सरकारी अस्पतालों में मुफ्त दवाई देने वाले बयान पर प्रदेश कांग्रेस कमेटी महामंत्री ने जे.पी. नड्डा से सवाल किया है कि छत्तीसगढ़ के अस्पतालों में 50 दवाईयां मुफ्त क्यों नहीं दी जा रही है? अगर 50 दवायें मुफ्त दिये जाने का दावा सही है तो केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री बतायें कि छत्तीसगढ़ के कितने सरकारी अस्पतालों में कौन-कौन सी दवायें मुफ्त दी जा रही है? अभी तक कितने मरीजो को ये पचास दवाइयां मुफ्त दी गई है? कांग्रेस ने मांग की है कि भाजपा सरकार इसको सार्वजनिक करें।

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