…जेल में महिलाओं का अपमान…महिला कांग्रेस का दावा डर गयी सरकार…जेल अधिकारियों की करेंगे शिकायत

 बिलासपुर— कांग्रेस पार्टी ने आरोप लगाया है कि प्रदेश सरकार महिला नर्सों पर दबाव डालकर हड़ताल खत्म करवाई है। लगातार 16 दिनों से आंदोलन कर रही महिला नर्सों को प्रताड़ित किया गया है। अमानवीय व्यवहार करने के अलावा  जेल भेजकर शासन ने आंदोलन खत्म कराया है। कांग्रेस पार्टी इसकी निंदा करती है।

             बिलासपुर महिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सीमा पाण्डेय और अनिता लव्हात्रे ने संयुक्त बयान जारी कर कहा है कि सरकार की उल्टी गिनती शुरू हो गयी है। पहले शिक्षाकर्मियों के साथ, फिर किसानों के साथ अब स्वास्थ्य विभाग में सेवा भाव से कार्य करने वाली नर्सों के साथ अन्याय किया जा रहा है। इससे जाहिर होता है कि सरकार जनता के आक्रोश से डर गयी है।

                           आनन-फानन में तानाशाही से महिला नर्सों के आंदोलन को दबाकर जनआक्रोश को दबाना चाहती है। जनता समझ चुकी है कि जेल के अंदर नर्स बहनों के साथ व्यवहार किया गया है। उन्हें मूलभूत सुविधाओं से वंचित रखा गया। बच्चों को दूध पिलाने जैसा कार्य करने पर पाबंदी लगाई गयी। यह बेहद शर्मनाक है। महिलाओं के साथ हुये इस व्यवहार से यह सिद्ध होता है कि सरकार की बेटी बचाओं का नारा खोखला है।

              दोनो महिला नेत्रियों ने कहा कि रायपुर में नर्सों के साथ दुर्व्र्यवहार यातना और अलोकतांत्रिक कार्यवाही के खिलाफ जिला महिला कांग्रेस बिलासपुर 5 जून को कलेक्टर से शिकायत कर विरोध करेगी। सरकार से रायपुर जेल अधिकारियों पर जाँच कर कार्यवाही करने की माँग भी करेगी।

महामंत्री अटल ने की निंदा

            प्रदेश महामंत्री अटल ने कहा कि महिलाओं के सम्मान में मन की बात में बड़ी-बड़ी बातें की जाती हैं। लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही है। राज्य सरकार ने प्रधानमंत्री के सपनों को चूर किया है। आंदोलनकारी नर्स बहनों के साथ अन्याय किया  गया है। इस हरकत के लिए कांग्रेस  पार्टी कड़ी निंदा करती है। अटल श्रीवास्तव ने कहा कि  घटना से भाजपा का दोहरा चरित्र उजागर हो गया। बेटी और नारी के सम्मान में दीवारों पर लिखे सारे नारे खोखले हैं। जो कुछ जेल में घटा वहीं सच्चाई है। नसबंदी कांड में महिलाओं की मौत, गर्भाशय निकालने की घटनायें और अब महिला कर्मचारी के साथ जेल में दुर्रव्यवहार दिखाता है कि सरकार महिलाओं के प्रति संवेदनशील नहीं हैं।

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