पीएम आवास योजना में छत्तीसगढ़ का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन,केन्द्र से छत्तीसगढ़ को मिली एक लाख अतिरिक्त मकानों की स्वीकृति

नईदिल्ली।प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत छत्तीसगढ़ ने देश  के अन्य राज्यों की तुलना में सर्व श्रेष्ठ प्रदर्शन किया है। केन्द्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा प्रतिदिन इस योजना का राज्यवार मूल्यांकन किया जा रहा है। इसके अंतर्गत राज्यों के प्रदर्शन सूचकांकों की श्रेणी में छत्तीसगढ़ प्रदेश लगातार तीन महीनों से नम्बर वन के रैंक में चल रहा है। राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में इस योजना के तहत विगत तीन वर्ष में लगभग आठ लाख गरीब परिवारों को पक्के मकान देने का जो लक्ष्य था, उसमें से अब तक 93 (तिरानवे) प्रतिशत उपलब्धि हासिल की जा चुकी है।

मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने इस महत्वपूर्ण उपलब्धि के लिए पंचायत और ग्रामीण विकास विभाग  को बधाई दी है। उल्लेखनीय है कि इस योजना में उत्कृष्ट प्रदर्शन को देखते हुए केन्द्र सरकार द्वारा चालू वित्तीय वर्ष 2018-19 में छत्तीसगढ़ को एक लाख अतिरिक्त मकानों की स्वीकृति दी है।

पंचायत और ग्रामीण विकास मंत्री अजय चन्द्राकर ने  बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना-(ग्रामीण) के क्रियान्वयन में छत्तीसगढ़ राज्य का प्रदर्शन देश में सर्वश्रेष्ठ दर्ज किया गया है। योजना के तहत प्रदेश में वर्ष 2016-17 के लिए 2 लाख 32 हजार 903 और वर्ष 2017-18 के लिए 2 लाख 06 हजार 372 मकानों का लक्ष्य दिया गया था। इस प्रकार इन दो वर्षों में कुल 4 लाख 39 हजार 275 ग्रामीण आवास निर्माण का लक्ष्य राज्य को मिला है। इसी प्रकार वर्ष 2018-19 के लिए पूर्व में केन्द्र सरकार द्वारा एक लाख 84 हजार आवास निर्माण का लक्ष्य दिया गया था। राज्य के अच्छे प्रदर्शन के कारण केन्द्र सरकार द्वारा माह दिसम्बर 2017 में बढ़ा कर राज्य को कुल 2 लाख 48 हजार 960 का लक्ष्य आबंटित किया गया। राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में आवास की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह द्वारा केन्द्र सरकार से अतिरिक्त लक्ष्य की मांग की गई थी ।

चन्द्राकर ने बताया कि केन्द्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा  21 मई, 2018 को पत्र जारी कर छत्तीसगढ़ को  प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण अंतर्गत राज्य के निरंतर उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर लक्ष्य में वृद्धि कर एक लाख और आवासों के निर्माण का लक्ष्य सौंपा गया है। अब  प्रदेश में प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण तहत गरीब परिवारों के लिए आवास निर्माण का लक्ष्य वर्ष 2018-19 के लिए 3,48,960 हो गया है। उन्होंने बताया कि समावेशी विकास के व्यापक उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए योजना के तहत सामाजिक, आर्थिक एवं जाति जनगणना, 2011 के आधार पर ग्राम सभा द्वारा अनुमोदित स्थायी प्रतीक्षा सूची में से पात्र परिवारों की उपलब्धता के आधार पर 60 प्रतिशत आवास से  अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के पात्र परिवारों को लाभान्वित किया जाएगा। साथ ही योजना के तहत लगभग 15 प्रतिशत अल्पसंख्यक परिवारों को आवास उपलब्ध कराया जाएगा।

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  1. By Virendra grg

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