प्रशिक्षु इंजीनियरों के सामने झुकने से इंकार

 

रेलवे में नौकरी की मांग को लेकर 9 दिन से धरने पर बैठे सहायक इंजीनियरों ने झाड़ू लगाकर रेल प्रशासन और उसकी नीतियों का विरोध किया। इंजीनियरों के आंदोलन को कुचलने के लिए आरपीएफ के जवान धरना स्थल पर मुस्तैद नजर आए। बल के सब इंस्पेक्टर प्रवीण मुखर्जी दल बल के साथ धरना स्थल पर पहुंचे आंदोलनकारियों को राहगीरों का रास्ता रोकने का आरोप लगाते हुए हड़ताल को बंद करने का दबाव बनाया। सब इंजीनियरों ने इसका विरोध करते आंदोलन निरंतर चालू रखने की बात कही। आंदोलन कारियों के सभी जोनों में भर्तियां निरंतर चालू हैं। प्रशिक्षुओं को प्रशिक्षण के बाद जोनों में नौकरियां मिल गयी है। लेकिन बिलासपुर और नागपुर ही ऐसा मंडल है जो प्रशिक्षु इंजीनियरों को नौकरी देने के नाम पर शोषण कर रहा है। रेलवे जनसम्पर्क अधिकारी के अनुसार रेलवे में 2010 से भर्ती प्रक्रिया निरंतर चल रही है। नौकरियां ओपन पद्धति से दी जा रही है। अगर सब इंजीनियरों को नौकरी चाहिए तो अपना आवेदन कार्यालय में प्रस्तुत कर सकते हैं। ऐसे किसी आंदोलन से नौकरी के लिए रेलवे पर दबाव बनाने की नीति ठीक नहीं है। रेलवे प्रबंधन ऐसे किसी मांग के सामने झुकने को तैयार भी नहीं है।

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