बेगारी में चली गयी चपरासी की जान…जलसंसाधन अधिकारी का कर रहा था बेगारी….त्रिवेदी ने किया इंकार

बिलासपुर— जनसंसाधन विभाग सक्ति एसडीओ की तानाशाही से एक सरकारी कर्मचारी की मौत हो गयी है। सक्ति कार्यालय मे पदस्थ चपरासी ने अपोलो में दम तोड़ दिया है। मृतक का नाम रमेश श्रीवास है। रमेश श्रीवास तोरवा थाना क्षेत्र के सांईधाम में में अपने अधिकारी का घर बनवा रहा था। 12 तारीख को एक हादसे में रमेश गंभीर रूप से घायल हो गया। आज उसने इलाज के दौरान अपोलो में दम तोड़ दिया।

                              जानकारी के अनुसार सक्ति जल संसाधन विभाग में चपरासी पद पर पदस्थ दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी रमेश श्रीवास ने अपोलो में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। मालूम हो कि रमेश श्रीवास सक्ति में पदस्थ एसडीओ एनएन त्रिवेदी का तोरवा थाना क्षेत्र वार्ड क्रमांक 40 साईंधाम घर बनवा रहा था। त्रिवेदी ने घर निर्माण के लिए रमेश श्रीवास को बेगारी पर लगाया। रमेश श्रीवास जांजगीर जिला के कांपन का रहने वाला है। 12 मई को भवन निर्माण के दौरान रमेश का पैर पिसल गया। छत से जमीन पर गिरने से रमेश गंभीर रूप से घायल हो गया।

             लोगों की मदद से रमेश को तत्काल स्थानीय निजी अस्पताल में इलाज कराया गया। स्थिति गंभीर होने के बाद त्रिवेदी के निर्देश पर रमेश को रायपुर स्थित मेकाहारा में भर्ती कराया गया। दो दिन बाद पीड़ित को बिलासपुर के केयर सेंटर में दाखिल किया गया। इसके बाद रमेश की स्थिति बिगड़ते देख अपोलो में भर्ती किया गया। करीब 12 बजे अपोलो के डॉक्टरों ने  रमेश श्रीवास को मृत घोषित कर दिया।

                                रमेश का साला अनिरूद्ध श्रीवास ने बताया कि मृतक रमेश बहुत ही नेक भला और सीधा सादा इंसान था। जिस काम के लिए बोला जाता बिना किसी विरोध के लग जाता था। उसने कभी ना कहना सीखा ही नहीं। सक्ति एसडीओं के निर्देश पर वार्ड क्रमांक 40 में मकान निर्माण का देख रहा था। इसके लिए उसे अतिरिक्त कुछ भी नहीं दिया जाता था। कार्यालय से उसका तनख्वाह निकलता था।

                  रमेश के परिजनों ने बताया कि मामले की जानकारी थाने में दी गयी है। यद्यपि रमेश की मौत पर त्रिवेदी ने खुद को बेकसुर बताया है। उन्होने कहा कि रमेश को यहां नहीं भेजा गया था। लेकिन पुलिस को रमेश के पास से एमएसटी मिला है। इससे जाहिर होता है कि रमेश रोज जांजगीर से बिलासपुर आना-जाना करता था।

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