जन्मजात व जटिल हृदय रोग से ग्रसित बच्चों का इलाज करेंगे अपोलो चेन्नई के एक्सपर्ट डॉक्टर

बिलासपुर । जन्मजात जटिलतम हृदय रोग से ग्रसित बच्चों को अब ईलाज हेतु बड़े शहरों मेें जाने की आवश्यकता नहीं होगी। इसके लिए अपोलेो की ओर से प्रति दो माह में  हृदय रोग सेग्रसित बच्चों की पहचान के लिए निःशुल्क शिविर आयोजित किए जाएंगे। खास बात यह भी है कि इस तरह के शिविर अगले दो दिनों में बिलासपुर जिले के गौरेला और मस्तूरी ब्लॉक में भी आयोजित किए जा रहे हैं। यह जानकारी  अपोलो चिल्ड्रन हाॅस्पिटल के वरिष्ठ  पीडियाट्रिक  कार्डियेक सर्जन डाॅ निवेल सोलोमन ने आज पत्रकार वार्ता में दी।
अपोलो के संस्थापक व चेयरमेन पद्मविभूषण डाॅ. प्रताप सी. रेड्डी के स्वपन, सभी को गुणवत्ता चिकित्सा, को साकार करने की दिशा में अपोलो हाॅस्पिटल बिलासपुर व अपोलो चिल्ड्रन हाॅस्पिटल, चेन्नई के सहयोग से वरिष्ठ  विशषज्ञों के साथ जन्मजात हृदयरोग के बच्चों को चिन्हित करने के लिये प्रति दो माह में निशुल्क शिविर किया जाना है  । जिसमें आज प्रथम निशुल्क शिविर, सिटी डिस्पेन्सरी बिलासपुर में आयोजित किया गया है ।  इसी क्रम में गौरेला ब्लाक व मस्तूरी ब्लाक में चेन्नई के विशेषज्ञ निशुल्क शिविर कर बच्चों को चिन्हित करेंगे।
डाॅ निवेल सोलोमन ने बताया कि तीन माह से छोटे बच्चों की शल्य चिकित्सा हेतु विशेष उपकरण व चिकित्सकीय सुविधाओं की आवश्यकता होती है  .जो कि अपोलो चिल्ड्रन हाॅस्पिटल चेन्नई में पूर्ण रूप से उपलब्ध है। उन्होंने आगे बताया कि जटिल प्रकरणों में चेन्नई के विशेषज्ञ सर्जन अपोलो बिलासपुर में हो सकने वाले प्रकरणों की यहीं शल्य चिकित्सा करेेेंगे व अति जटिल प्रकरणों को चेन्नई ले जाने की व्यवस्था शासन के सहयोग से की जावेगी।
डाॅ सजल सेन सी ओ ओ अपोलो बिलासपुर ने बताया कि सामाजिक सरोकार के तहत जन्मजात हृदय रोग से ग्रसित बच्चों को चिन्हित करने हेतु अपोलो बिलासपुर शिविर आयोजित करता रहा है  । परन्तु इस बार जटिल प्रकरणों के लिये अपोलो चिल्ड्रन हाॅस्पिटल  चेन्नई के चिकित्सकों को भी इस कार्य में सम्मिलित किया गया है। उन्होंने बताया कि आज बिलासपुर व चेन्नई द्वारा आने वाले दो दिनों में गौरेला, मस्तूरी विकासखडं में डाॅ मुथुकुमारन व डाॅ राजेश द्वारा निशुल्क शिविर किया जावेगा  । जो कि जिला व विकासखंड स्तर पर स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से आयोजित किये जावेंगे। शिविर में चिन्हित बच्चों की सूची जिला चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को प्रशासकीय स्वीकृति हेतु दी जावेगी व स्वीकृत प्रकरणों में चेन्नई व बिलासपुर अपोलो के चिकित्सको द्वारा शल्य की जावेगी।
डाॅ राजीव लोचन भांजा, वरिष्ठ  हृदय रोग विशेषज्ञ अपोलो हाॅस्पिटल बिलासपुर ने बताया कुछ प्रकरणों को बिना शल्य चिकित्सकों के कैथ लैब में डिवाईस क्लोजर द्वारा ठीक किया जा सकता है। ह्दय में छेद की समस्या के प्रकरणों को अपोलो बिलासपुर में भी इस विधि से ठीक किया जाता रहा है। परन्तु इसमें भी जटिल केसेज चेन्नई के सहयोग से यही ठीक किये जावेंगे।
डाॅ एम.पी. सामल, वरिष्ठ ह्दय रोग विशषज्ञ अपोलो बिलासपुर ने कहा कि ऐसे प्रकरणों में शासन के सहयोग से अच्छा काम कि जा सकता है  । जिसका अच्छा  परिणाम व लाभ छत्तीसगढ़ के मरीजों का मिलेगा।
चिरायु व बाल हृदय सुरक्षा योजना का मिलेगा लाभ
डाॅ सजल सेन सी ओ ओ अपोलो बिलासपुर ने बताया कि चिन्हित प्रकरणों को शासन की महत्वपूर्ण योजना चिरायु व बाल हृदय योजना के अंतर्गत पंजीकृत कर उनको ईलाज की व्यवस्था की जावेगी। शासन स्तर पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय के माध्यम से उक्त प्रकरणों का स्वीकृत किये जावेंगे। शासन की योजना के मापदंडों में नहीं आने वाले बच्चे भी इस निशुल्क शिविर का लाभ ले सकते हैं।

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