भारी पड़ी कोर्ट की अवमानना..दो डॉक्टरों को 6 महीने का कारावास…मिशन अस्पताल डायरेक्टर भी शामिल

ecourt.chhattisgarhबिलासपुर—न्यायालय दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी श्रम न्यायालय ने आवमानना किए जाने पर दो डॉक्टरों को साधारण कारावास की सजा से दंडित किया है। दोनो डॉक्टर मिशन अस्पताल मुगेली में पदस्थ हैं। सजा पाने वाले में डायरेक्टर मिशन अस्पताल का भी नाम है। दोनों डॉक्टरों ने कोर्ट के निर्देश के बाद भी आदेश को मानने इंकार कर दिया था। अवमानना याचिका की सुनवाई के बाद कोर्ट ने दोषी दो डाक्टरों को 6-6 महीने का जेल भेजे जाने का निर्देश दिया है।

                       न्यायालय न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी श्रम न्यायालय बिलासपुर ने मुंगेली मिशन अस्पताल के दो डॉक्टरों को 6-6 महीने की सजा का दंड दिया है। दोनों डाक्टरों पर कोर्ट का अवमानना करने का आरोप था। मामले में मुख्य सूत्रधार पीडित अशोक जान ने मिशन अस्पताल के खिलाफ बिलासपुर कोर्ट में परिवाद पेश किया था। कोर्ट को बताया था कि उसकी नियुक्ति 18 सितम्बर 1992 में मुंगेली मिशन अस्पताल में चिकित्सक के रूप में हुई। मिशन अस्पताल ने 1 अक्टूबर 1999 को सेवामुक्त कर दिया।

               डॉ.अशोक जान ने बताया कि मिशन अस्पताल के आदेश के खिलाफ कोर्ट में दावा पेश किया। कोर्ट ने 4 दिसम्बर 2017 को निर्णय सुनाया। कोर्ट ने 7 जनवरी 2018 को 60 दिन के भीतर आवेदक को पद पर बहाल करने का आदेश दिया।

                                                                   डॉ.अशोक जान ने कोर्ट आदेश की प्रति के साथ मिशन अस्पताल मुंगेली में दावा किया। लेकिन मिशन अस्पताल डायरेक्टर मुंगेली डॉ.अनिल हेनरी और सचिव सतीष कुमार मसीह ने कोर्ट के आदेश को मानने से इंकार कर दिया। इसके बाद डॉ.अशोक जान ने आवमानना का मामला दर्ज कराया।

                            मामले में सुनवाई करते हुए न्यायालय न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी,श्रम न्यायाल बिलासपुर ने दोनों के खिलाफ दंड का एलान किया। मिशन अस्पताल मुंगेली डायरेक्टर अनिल हेनरी और सचिव सतीष को मसीह को 6-6 महीने की साधारम सजा से दंडित किया है।

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