भिलाई सेक्टर 9 ब्लड बैंक के मामले में राज्य शासन को निलंबन हटाने के लिए अपील पर त्वरित निर्णय लिए जाने का निर्देश

बिलासपुर। सेक्टर 9 हॉस्पिटल के ब्लड बैंक को नियंत्रक, खाद्य एवं औषधि प्रशासन के द्वारा बंद करने हेतु जारी आदेश के ख़िलाफ़ दीपक दुबे द्वारा दायर जनहित याचिका की सुनवाई आज बुधवार को माननीय छ.ग. उच्च न्यायालय में हुई। जिसमें बहस के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से माननीय न्यायालय के समक्ष पक्ष रखा गया की, सेक्टर 9 अस्पताल में हर रोज़ लगभग 2000 मरीज़ अपना इलाज कराने पूरे राज्य एवं आस पास से वहां पहुँचते रहे हैं, इनमे से करीब 20% लोग गंभीर बीमारियों का इलाज करने पहुचते हैं. अस्पताल के ब्लड बैंक का लाइसेंस 28 अप्रैल से निलंबित है, जिससे अस्पताल द्वारा कई मरीजों को अस्पताल से बिना इलाज छुट्टी कर दी गयी है.

रा सरकार के इस कदम से मरीजों को काफी समस्या का सामना करना पड़ रहा है, और इस कदम के विरोध में भिलाई क्षेत्र में आन्दोलन तेज़ हैं.
याचिका की ओर से यह पक्ष भी रखा कि, अनुच्छेद 47 द्वारा राज्य नागरिकों को इलाज की सुविधा मुहैया कराने पर बाध्य है, पर अस्पताल के ब्लड बैंक में इंस्पेक्शन के दौरान पायी गयी कमियों को दूर करने के बजाय उसे बंद कर मरीजों की समस्याएं बढ़ा दी गयी हैं, और उनकी जान से खेला जा रहा है. याचिकाकर्ता की ओर से यह भी बताया गया कि राज्य शासन के द्वारा इस मुद्दे पर जनता के हितों के विपरीत निर्णय लिया गया तथा बार बार अनुरोध करने के बाद भी ब्लड बैंक पुनः खोलने हेतु कोई प्रयास नहीं किया.
सुनवाई के दौरान अस्पताल प्रबंधन की ओर से माननीय उच्च न्यायालय को बताया गया कि औषधि नियंत्रक के आदेश के विरुद्ध अस्पताल प्रबंधन ने Drugs and Cosmetic Rules, 1954 के तहत राज्य शासन को अपील प्रस्तुत की है, जो कि विचाराधीन है। उक्त जानकारी के पश्चात माननीय उच्च न्यायालय ने आदेशित किया कि चूँकि ब्लड बैंक के लाइसेन्स निलम्बन का आदेश अपीलीय अधिकारी के समक्ष विचाराधीन है अतएव यह समीचीन नहीं होगा कि उच्च न्यायलय भी उक्त आदेश की सामानांतर सुनवाई करे। तत्पश्चात माननीय न्यायालय ने जनहित को ध्यान में रखते हुये यह निर्देश जारी किया कि राज्य शासन (अपीलीय अधिकारी), प्रबंधन द्वारा लाइसेन्स निलम्बन के विरुद्ध प्रस्तुत अपील की त्वरित सुनवाई करते हुए उचित आदेश पारित करे तथा किसी भी दशा में उक्त आदेश राज्य शासन को 15 दिवस के भीतर पारित करना ही होगा। उक्त जनहित याचिका की अगली सुनवाई अपीलीय अधिकारी के निर्णय के पश्चात की जाएगी।

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