मिशन क्लीन खारून मेरे जीवन की सबसे महत्वाकांक्षी परियोजना-डॉ. रमन सिंह

रायपुर।मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने कहा है कि खारुन राजधानी रायपुर सहित छत्तीसगढ़ की प्रमुख नदियों में से है। इसके संरक्षण और संवर्धन के लिए मिशन क्लीन खारून के रूप में शुरू की गई परियोजना मेरे जीवन की सबसे महत्वाकांक्षी परियोजना है। इसका भूमिपूजन मेरे लिए गौरवशाली क्षण है। मिशन क्लीन खारून से बहुत जल्द जीवनदायिनी खारून नदी का पानी और भी ज्यादा स्वच्छ होगा और हम खारून के पवित्र जल से भगवान महादेव का अभिषेक करेंगे।

डॉ. सिंह ने खारून नदी के किनारे महादेव घाट में लगभग 330 करोड़ रूपए लागत की मिशन क्लीन खारून परियोजना के भूमिपूजन, छत्तीसगढ़ के प्रथम सस्पेंशन ब्रिज ‘लक्ष्मण झूला’, नदी तट सौंदर्यीकरण, उद्यान, बाल क्रीडांगन एवं व्यायाम शाला का लोकार्पण करने के बाद जनता को संबोधित करते हुए इस आशय के विचार प्रकट किए।

समारोह की अध्यक्षता कृषि एवं जल संसाधन मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने की। लक्ष्मण झूले सहित इन सभी संरचनाओं का निर्माण जल संसाधन विभाग द्वारा किया गया है। लक्ष्मण झूले के निर्माण में छह करोड़ 10 लाख रूपए की लागत आयी है। इस ऐतिहासिक अवसर को यादगार बनाने के लिए भारतीय डाक विभाग ने खारून के नवनिर्मित लक्ष्मण झूले पर विशेष आवरण भी जारी किया, जिसका विमोचन मुख्यमंत्री ने किया

डॉ. रमन सिंह ने समारोह में कहा कि राजधानी रायपुर तेजी से बदल रहा है। शहर में विगत कुछ वर्षों में देखते ही देखते बायपास मार्ग, ओव्हर ब्रिज, अण्डर ब्रिज सहित कई महत्वपूर्ण निर्माण कार्य हुए हैं। डॉ. सिंह ने कहा – जब कोई व्यक्ति साल-दो साल बाद रायपुर आता है, तो उसे यह शहर काफी बदला हुआ लगता है।

मुख्यमंत्री ने कहा – मिशन क्लीन खारून केन्द्र सरकार के अमृत मिशन की परियोजना है। इसके अंतर्गत खारून नदी में मिलने वाले 17 नालों के पानी को शुद्ध करने के लिए तीन सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट लगाए जाएंगे। इनमें से चन्दनडीह में 75 एमएलडी क्षमता का, काठाडीह में 35 एमएलडी और निमोरा में 90 एमएलडी क्षमता के ट्रीटमेंट प्लांट लगाए जाएंगे। इन प्लांटों से प्रतिदिन दो हजार लाख लीटर प्रदूषित जल का शोधन होगा। यह परियोजना अगले डेढ़ वर्ष में पूरी होगी।

डॉ. सिंह ने विश्व स्वास्थ्य संगठन (डल्ब्यू.एच.ओ. )की रिपोर्ट का उल्लेख करते हुए कहा कि इस रिपोर्ट में दुनिया के 15 सबसे प्रदूषित शहरों की सूची जारी की गई है। इसमें से 14 शहर भारत के हैं। इस सूची में छत्तीसगढ़ का एक भी शहर नहीं है। मुख्यमंत्री ने कहा कि रायपुर शहर का वायु प्रदूषण समाप्त हो रहा है। इसका सबसे बड़ा श्रेय शहर के नागरिकों को है।

छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल, आवास एवं पर्यावरण विभाग, उद्योग विभाग और नगरीय विकास विभाग ने भी इसके लिए अच्छा काम किया है। छत्तीसगढ़ शासन द्वारा औद्योगिक प्रदूषण पर जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जा रही है। मुख्यमंत्री ने रायपुर शहर को स्वच्छ और सुन्दर बनाने में नागरिकों से सक्रिय सहयोग का आव्हान करते हुए कहा कि शहर के प्राचीनतम महादेव घाट के पावन स्थल पर मेले के दौरान हजारों-लाखों श्रद्धालु आते हैं। महादेव घाट पर आज शानदार सस्पेंशन ब्रिज और एक किलोमीटर लम्बे उद्यान के लोकार्पण से यहां की सुन्दरता और अधिक बढ़ गई है।

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