पुलिस पटवारी को नहीं बल्कि लाश तलाश रही…पत्नी ने लगाया अपहरण का आरोप..कहा..रसूखदारों को जानती है पुलिस

बिलासपुर–करीब साढ़े तीन महीने से गायब चन्द्रखुरी मुंगेली पटवारी की अभी तक जानकारी नहीं मिली है। पटवारी का पिता और पत्नी आईजी से लेकर कमिश्नर के दरवाजा खटखटा चुके हैं। बावजूद इसके पटवारी रामफूल कोरी का सुराग नहीं मिला है। पटवारी की पत्नी ने आरोप है कि रामफूल का अपहरण हुआ है। अपहरण करने वालों को भी जानती है। लेकिन पुलिस अपहरमकर्ताओं के खिलाफ रिपोर्ट करने से डर रही है।

          नीलम कोरी ने बताया कि साढ़े तीन महीने से पति का पता लगाने और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए थाना,आईजी और कमिश्नर कार्यालय का चक्कर काट रही हूं। लेकिन कोई कुछ नहीं कर रहा है। पटवारी रामफूल की अभी तक कोई सुराग नहीं मिला है। मारो थाना प्रभारी ने एफआईआर भी दर्ज करने से इंकार कर दिया है। ऐसा लगता है कि थानेदार को  मालूम है कि पटवारी का अपहरण किसने किया है। पटवारी पत्नी ने कहा कि पुलिस अब पति को नहीं बल्कि पति की लाश तलाश कर रही है।

               13 दिसम्बर 2017 से गायब मुंगेली चन्द्रखुरी पटवारी रामफूल का अभी तक अता पता नहीं चल सका है। मुंगेली चन्द्रखुरी पटवारी रामफूल कोरी की पत्नी नीलम ने बताया कि 13 दिसम्बर की शाम पति दवाई खरीदने गया। इसके बाद वह लौटा ही नहीं।  हम लोग बेमेतरा जिला तहसील नवागढ़ और गांव नारायणपुर में रहते हैं। घटना के बाद 14 फरवरी को मारो पुलिस चौकी में अपहरण का रिपोर्ट दर्ज कराने गए। लेकिन थानेदार ने रिपोर्ट दर्ज करने से इंकार कर दिया। पति को तलाशने के बाद एक फिर पुलिस थाना गयी लेकिन एफआईआर दर्ज नहीं किया गया। थानेदार ने बताया कि जिन अपहरणकर्ताओं का नाम बता रही है वे लोग बहुत खतरनाक हैं। उनके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करना खतरा है।

                    नीलम ने बताया कि पति रामफूल का अपहरण किया गया है। इसमें निमेष तिवारी पिता रमेश तिवारी के अलावा घुठिया निवासी रिंकु ठाकुर समेत पूनम साहू और राजा ध्रुव का हाथ है।

                              निमेष तिवारी ने चार महीने पहले ब्रिज निर्माण के समय तहसीलदार के सामने पति से मारपीट किया था। इस दौरान उसने परिवार को जान से मारने की धमकी भी दी थी। जाति सूचक गालियों का भी प्रयोग किया था। मामले की शिकायत मारो थाना में दर्ज है। नीलम कोरी के अनुसार घटना के बाद निमेष तिवारी ने चन्द्रखुरी पटवारी कार्यालय से निकलते पति को मारपीटा और बस्ता भी छीन लिया था।

                             पटवारी की गायब होने की शिकायत करने जब लालपुर में मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में गयी तो वहा से भगा दिया गया। मौके पर मौजूद डीएसपी ने कहा कि मामले की छानबीन की जाएगी। मुख्यमंत्री से मिलने की जरूरत नहीं है। आज तक पति की जानकारी नहीं मिली है। लगता है कि पुलिस अब पति की लाश तलाश रही है। नीलम कोरी के अनुसार वह जहां भी जाति है निमेष तिवारी के लोग नजर रखते हैं। ऐसा लालपुर में भी हुआ। यही कारण है कि मुख्यमंत्री तक नहीं पहुच सकी। अब रायपुर स्थित मुख्यमंत्री आवास जाकर पति के लिए गुहार लगाउंगी।

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