दिलीप बिल्डकान के खिलाफ जंग का एलान…विधायक ने बताया..अवैध उत्खनन में प्रशासन की भूमिका संदिग्ध

बिलासपुर—- बिल्हा विधायक सियाराम ने दिलीप बिल्डकान की शिकायत जिला प्रशासन से की है। सियाराम ने जिला प्रशासन को बताया कि गांवों में दिलीप बिल्डकान की दादागीरि से लोग परेशान हैं। बिना अनुमति कहीं से भी मुरूम उत्खनन किया जा रहा है। विरोध किए जाने पर ठेकेदार के गुर्गे जान माल नुकसान करने की धमकी देते हैं। सियाराम ने बताया कि सड़क निर्माण से किसी को तकलीफ नहीं है। लेकिन बिना परमिशन जहां चाहे वहां से मुरूम और मिट्टी निकालना नियम के खिलाफ है। जीवित तालाब को भी गहरीकरण के नाम पर खोदा जा रहा है। इसमें माइनिंग और सिचाई विभाग की भी प्रमुख भूमिका है।

               सियाराम अपने समर्थकों के साथ जिला प्रशासन से दिलीप बिल्डकान की शिकायत की है। पत्रकारों से बिल्हा विधायक ने बताया कि बिलासपुर-रायपुर राष्ट्रीय राजमार्ग का काम दिलीप बिल्डकान कम्पनी कर रही है। पेन्ड्रीडीह से सरगांव और पन्ड्रीडीह से दर्रीघाट सड़क चौड़ीकरण का भी काम बिल्डकान कम्पनी के अन्दर किया जा रहा है। सड़क निर्माण से किसी का विरोध नहीं है। लेकिन दिलीप बिल्डकान ठेकेदार की मनमानी से ग्रामीण परेशान हैं।

                      सियाराम ने बताया कि विधानसभा क्षेत्र के कया,हरदीकला,सिलपहरी,भटगांव, मोहनभठ्ठा,मुड़ीपार कड़ारभाठा,तेलसरा चकरभाठा बस्ती,उमरिया,और रहंगी बांध में दिलीप बिल्डकान अवैध रूप से मिट्टी और मुरूम का उत्खनन कर रहा है। यहां तक कि किसानों की निजी जमीन को भी नहीं छोड़ा जा रहा है। तालाब को बनाने के नाम पर अवैध रूप से मुरूम निकाला जा रहा है।

                                सियाराम के अनुसार सिंचाई विभाग को सरगांव बांध में उत्खनन का कोई प्रावधान नहीं है। इसी तरह अन्य गांवों में तालाबों से अतिरिक्त गहरीकरण के बहाने मुरूम निकाला जा रहा है। लोगों को निस्तारी में परेशानी हो रही है। विधायक ने शिकायत करते हुए कहा कि ठेकेदार किसी भी पंचायत को रायल्टी देने से साफ इंकार कर दिया है। अवैध रूप से मुरूम मिट्टी निकालकर रिहायसी क्षेत्र से ओव्हरलोड गाड़ियां दिलीप बिल्डकान की गाड़ियां दौ़ड़ रही हैं।

                                              सियाराम ने बताया कि मामले की शिकायत मुख्यमंत्री,प्रधानमंत्री से की गयी है। लेकिन अभी तक दिलीप बिल्डकान के खिलाफ किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं हुई है। यदि पन्द्रह दिनों के भीतर सम्बन्धी ठेकेदार और कम्पनी के खिलाफ कार्रवाई नहीं होती है तो आन्दोलन किया जाएगा। मामले को विधानसभा सत्र के दौरान भी उठाया जाएगा।  सियाराम ने कहा कि अवैध उत्खनन में प्रशासन की भूमिका संदिग्ध है। यही कारण है कि इतनी शिकायत के बाद भी ठेकेदार और कम्पनी के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई है।

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