भविष्य के महापौर ने भी दिया धरना…मेयर की शिकायत पर पहुंची पुलिस…धरना स्थल बदलने का मिला सुझाव

बिलासपुर— संविदा सफाई कर्मचारियों की नियमितिकरण की मांग को लेकर कांग्रेस पार्षद दल और जिला कांग्रेस नेताओं ने 20 क्रमिक अनशन किया। विकास भवन के सामने कर्मचारियों के साथ शांति पूर्ण धरना प्रदर्शन कर निगम प्रशासन पर नियमितिकरण का दबाव डाला। हमेशा की तरह महापौर की शिकायत पर धरना प्रदर्शनकारियों को हटाने पुलिस ‘टीम विकास भवन तो पहुंची। लेकिन कांग्रेसियों से समझकर लौट भी गयी।

                          सफाई कर्मचारियों की नियमितिकरण की मांग को लेकर कांग्रेसियों ने विकास भवन के सामने लगातार 20 वें दिन क्रमिक प्रदर्शन किया। हमेशा की तरह महापौर की शिकायत पर डग्गा लेकर सिविल लाइन पुलिस विकास भवन पहुंची। लेकिन शांतिपूर्ण प्रदर्शन को देखने के बाद थाने लौट गयी। इधर कांग्रेसियों ने एलान किया कि जब तक महापौर एमआईसी की बैठक बुलाकर समस्या का समाधान नहीं करते हैं। सभी कांग्रेसी विकास भवन के सामने क्रमिक धरना देंगे।

बात बात पुलिस बुला रहे

                    कांग्रेस पार्षद दल प्रवक्ता शैलेन्द्र जायसवाल,नेता प्रतिपक्ष शेख नजरूद्दीन,पूर्व महापौर राजेश पाण्डेय,पूर्व कांग्रेस जिला अध्यक्ष राजेश पाण्डेय,शैलेश पाण्डेय,रामशरण यादव समेत धरना प्रदर्शन स्थल पर बैठे तीन दर्जन से अधिक नेताओं ने एमआईसी बुलाने की मांग की। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि हमें धरना प्रदर्शन स्थल पर बैठने का शौक नहीं है। जिस दिन महापौर एमआईसी में सफाई कर्मचारियों की मांग को पारित कर देंगे। हम लोग भी धरना देना बंद कर देंगे।

                       कांग्रेस नेताओं ने कहा कि महापौर को यदि धरना प्रदर्शन से एतराज है तो एमआईसी में कर्मचारियों की समस्या को पारित करें। रही बात लोगों की परेशानी की तो हम लोग शांति के साथ बैठे हैं। आने जाने वालों को किसी प्रकार की तकलीफ नहीं है। फिर महापौर को किस बात की तकलीफ हो रही है। बात बात पर पुलिस को बुला लेते हैं।

समझाने पहुंची पुलिस

                       महापौर के निकलते ही करीब 2 बजे सिविल लाइन पुलिस डग्गा लेकर विकास भवन पहुंच गयी। थाना प्रभारी ने कांग्रेसियों को चेतावनी दी कि यदि धरना स्थल नहीं बदलोगे तो गिरफ्तार किया जाएगा। पुलिस ने कांग्रेसियों को बताया कि महापौर की शिकायत है कि धरना पर बैठे कांग्रेसियों से विकास भवन में आने जाने वालों को परेशानी हो रही है। इतना सुनते ही कांग्रेसी नाराज हो गए। कांग्रेिसयों ने कहा कि यदि महापौर ने लिखित शिकायत की है तो हम गिरप्तारी देने को तैयार हैं। कुछ देर तक पुलिस और कांग्रेसियों के बीच जमकर वाद विवाद हुआ। लेकिन पुलिस धरना प्रदर्शन स्थल बदलने की समझाई देकर थाना लौट गयी। दो बजते ही कांग्रेसी भी दरी उठाकर घर रवाना हो गए।

धरना में नजर आए भविष्य के महापौर  

                                 पुलिस और महापौर से नाराज कांंग्रेसियों ने धरना स्थल पर मौजूद करीब तीन दर्जन लोगों की सूची कांग्रेसियों ने पत्रकारों दी। सूची में कांग्रेस के कई वरिष्ट पूर्व पदाधिकारियों के अलावा भूत और भविष्य दो महापौर का नाम देखने को मिला।  शायद यह मजाक हो लेकिन विष्णु यादव ने प्रदर्शन में शामिल कांग्रसियों की सूची में अपने नाम के साथ भविष्य का महापौर लिखा है।

                मालूम हो कि पिछली बार निकाय चुनाव में कांग्रेस पार्टी से महापौर की टिकट नहींं मिलने से विष्णु यादव ने बगावत का झण्डा बुलंद किया था। विष्णु का आरोप था कि उनकी टिकट को पार्टी के भीतर के लोगों ने काटा है। रामशरण यादव को महापौर प्रत्याशी बनाया गया। यद्यपि  काफी मान मनौव्वल विष्णु यादव पार्टी में लौट आए। लेकिन महापौर प्रत्य़ाशी रामशरण यादव को करारी हार का सानना करना पड़ा। आज एक बार फिर विष्णु यादव को भरोसा है कि भविष्य में उन्ही को टिकट मिलेगी। देखते हैं आगे क्या होता है। फिलहाल भविष्य का महापौर धरना पर है।

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