जब सैकड़ों ग्रामीणों ने घेरा एसडीएम कार्यालय…युवा नेता ने कहा…सड़क की दिशा में करें परिवर्तन..वर्ना आंदोलन

बिलासपुर– कांग्रेस युवा नेता पिनाल उपवेजा की अगुवाई में सैंकड़ों ग्रामीणों ने पन्द्रह किलोमीटर की जनसंघर्ष पदयात्रा के बाद बिलासपुर पहुंचकर एसडीएम कार्यालय का घेराव किया। पिनाल उपवेजा के साथ ग्रामीणों ने एसडीएम को बताया कि सड़क चौड़ीकरण के नाम पर घरों और धार्मिक स्थलों को गिराने का आदेश है। यह जानते हुए भी घर बनाने में कितनी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। इसलिए लोगों की भावनाओं को ध्यान में रखकर सड़क निर्माण क्षेत्र की दिशा  में आमूल चूल परिवर्तन की जरूरत है।  ग्रामीणों ने कहा कि यदि उनकी मांगो को गंभीरता से नहीं लिया गया तो प्रशासन को विरोध का सामना करना पड़ेगा।

                          पिनाल उपवेजा की अगुवाई में सेंदरी,मदनपुर,बेलतरा समेत आस पास के ग्रामीण क्षेत्र के लोगों ने 15 किलोमीटर की जनसंघर्ष यात्रा के बाद एसडीएम कार्यालय का घेराव किया। सैकड़ों की संख्या में हाथ में बैनर पोस्टर लेकर नेहरू चौक पर ग्रामीणों ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। पिनाल उपवेजा ने  एसडीएम को मांग पत्र देते हुए कहा कि सड़क चौड़ीकरण के नाम पर लोगों के घरों को गिराया जा रहा है। आस्था के केन्द्र को चोट पहुंचाने की साजिश की जा रही है।

                     एसडीएम देवेन्द्र पटेल को लिखित में शिकायत कर युवा कांग्रेस नेता पिनाल ने कहा कि भारत सरकार के निर्देश पर सड़क चौड़ीकरण का काम किया जा रहा है। सड़क चौणीकरण से सड़क किनारे या कुछ दूर रहने वालें लोगों के घर और आस्था के केन्द्र निशाने पर हैं।  यह जानते हुए भी लोगों का पुस्तैनी घरों और धार्मिक स्थलों से भावनात्मक और धार्मिक रूप से गहरा लगावा रहता है।

     पिनाल ने बताया कि सड़क चौड़ीकरण का क्षेत्र सोची समझी रणनीति के तहत घनी बस्तियां हैं। जिसके कारण लोगों में गहरा आक्रोश है। प्रशासन चाहे तो घनी बस्तियों को उजडने से रोका जा सकता है। आस्था और विश्वास के केन्द्र को भी बचाया जा सकता है।  इस तरह का सफल प्रयास पहले भी हो चुका है। फोर लेन और सिक्स लेन की जद में सरगांव की घनी बस्तियां भी आ रही थी। लेकिन सड़क को नई दिशा देकर लोगों के आशियाने को बचा लिया गया।

                            प्रशासन चाहे तो राष्ट्रीय राजमार्ग की सेंदरी,मदनपुर,बेलतरा क्षेत्र से निकलने वाली प्रस्थावित सड़क में थोड़ा बहुत फेरबदल कर घनी आबादी वाली बस्तियों को उजड़ने से बचाया सकता है। ऐसा करने से लोगों को परेशानी भी नहीं होगी। शासन को भी  पुर्नवास जैसी जटिल परिस्तितियों से दो चार नहीं होना पड़ेगा।

                 देवेन्द्र पटेल ने घेराव करने वाले ग्रामीणों और पिनाल उपवेजा को आश्वासन दिया कि मामले को सक्षम अधिकारी के सामने रखा जाएगा। जो भी निर्र्मय होगा जानकारी दी जाएगी।

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