घटना के बाद जागा सीयू प्रबंधन…खाक होने से बची लायब्रेरी…डीन ने लिखा अग्निशामक यंत्रों की हो जांच

बिलासपुर—केन्द्रीय विश्वविद्यालय छात्र परिषद के दबाव और लायब्रेरी में शार्ट सर्किट के घटना के बाद प्रबंधन की आंख खुली है। छात्र कल्याण परिषद के डीन ने लिखित आदेश दिया है कि विश्वविद्यालय के सभी अग्निशमक यंत्र की जांच की जाए। जरूरत पड़ने पर यंत्रों की खरीदी पर ध्यान दिया जाए। डीन ने अपने पत्र में विश्वविद्यालय में वायरिंग पर विशेष ध्यान दिए जाने की बात कही है।

                            मालूम हो कि 9 मार्च की सुबह केन्द्रीय विश्वविद्यालय के ग्रंथालय में शार्ट सर्किट से आग लग गयी। छात्र परिषद ने मामले की तत्काल सूचना सुरक्षा व्यवस्था को दी। इस दौरान  जब आग पर काबू करने का प्रयास किया गया तोअग्निशामक यंत्र बिगड़ा हुआ मिला। किसी तरह छात्रों के सहयोग और रेत पानी से आग पर काबू पाया गया। घटना के बाद छात्र परिषद के नेताओं ने प्रबंधन पर अग्मिशामक यंत्र को लेकर नाराजगी जाहिर की। विश्वविद्याल की सुरक्षा को लेकर हुई लापरवाही के लिए प्रबंधन पर निशाना साधा।

                      घटना के बाद छात्र परिषद ने पत्र लिखकर पुराने अग्निशामक यंत्र को बदले जाने के साथ अतिरिक्त नए यंत्र खरीदने की मांग की। छात्र परिषद की नाराजगी और पत्र को गंभीरता लेते हुए प्रबंधन ने पुराने अग्निशामक यंत्र को बदलने के साथ अतिरिक्त नए यंत्र खरीदने का आदेश दिया है। पूर्व छात्र नेता सिद्धार्थ शुक्ला ने बताया कि छात्र परिषद के दबाव में छात्र कल्याण अधिष्ठाता ने लिखित आदेश जारी कर मामले को गंभीरता से लेने को कहा है।

                                               प्रबंधन को लिखे पत्र में अधिष्ठाता ने कहा है कि घटना के दिन अग्निशामक यंत्र खराब पाया गया। इसलिए विश्वविद्यालय के सभी यंत्रों को परखा जाए। नए यंत्र की खरीदी भी की जाए। अधिष्टाता ने कहा है कि विश्व विद्यालय में विद्युत और वायरिंग की जांच के साथ मेंटेनेंस किया जाए। आदेश के बाद छात्र परिषद ने खुशी जाहिर की है। साथ ही कहा है कि घटना को समय रहते काबू कर लिया गया। अन्यथा शार्ट सर्किट के बाद आगजनी से छात्रों का बहुत नुकसान हो सकता था।

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