सचिव और करारोपण अधिकारी पर गिरी गाज…वित्तीय घोटाला पर हुई कार्रवाई..फरिहा ने कहा..दोषियों को नहीं छोड़ा जाएगा।

बिलासपुर—जिला पंचायत मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने मस्तूरी जनपद करारोपण अधिकारी को निलंबित कर दिया है। करारोपण अधिकारी, पंचायत सचिव और सरपंच ने मिलकर हितग्राही के आवास को पंच की जमीन पर बनवा दिया। हितग्राही की शिकायत और जांच के बाद सीईओ फरिहा सिद्धीकी ने सहकायक करारोपण अधिकारी और पंचायत सचिव को निलंबित कर दिया है। सचिव को मस्तूरी जनपद और सहायक करारोपण अधिकारी को जिला पंचायत बिलासपुर में अटैच किया गया है।

                      मस्तूरी जनपद पंचायत के सुनौली गांव में इंदिरा आवास योजना के तहत एक दर्जन से अधिक मकान बनाए जाने की स्वीकृत केन्द्र सरकार से मिली है। शासन के आदेश पर आवास निर्माण किया गया। सरपंच,सचिव और जनपद पंचायत करारोपण अधिकारी की मिली भगत से हितग्राही का मकान पंच के निजी जमीन पर बनवा दिया गया।

                     हितग्राही की शिकायत पर जिला पंचायत मुख्य कार्यपालन अधिकारी फरिहा सिद्धिकी ने जांच टीम का गठन किया। मामले में शिकायत को सही पाया गया। जांच टीम की रिपोर्ट में बताया कि आरोप में ना केवल सच्चाई है। बल्कि जनपद पंचायत सहायक करारोपण अधिकारी के.के.देवांगन ने सुनौली गांव में बनाए गए मकान में वित्तीय अनियमितता भी की है। सरपंच देविका उइके,सचिव मनोहर यादव के साथ मिलकर के.के.देवांगन ने राशि भुगतान में जानबूझकर लापरवाही की है। मकान निर्माण के बाद शासन के खजाने से हितग्राही के नाम पर रूपए भी निकाल लिए हैं। हितग्राही को जानबूझकर अंधेरे में रखा गया।

                             रिपोर्ट मिलने के बाद सीईओ फरिहा आलम सिद्धिकी ने सहायक करारोपण अधिकारी के.के.देवांगन को निलंबित कर दिया । इसके अलावा एक पत्र एसडीएम को भी लिखा है कि सरपंच के खिलाफ वित्तीय अनियमितता मामले में उचित कार्रवाई करें।

                                         जिला पंचायत विभाग के अधिकारी अशोक धीरही ने बताया कि जांच में सरपंच सचिव,करापोरण अधिकारी को दोषी पाया गया है। शासकीय अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है। जबकि सरपंच के खिलाफ कार्रवाई के लिए जिला पंचायत सीईओ ने एसडीएम को पत्र लिखा है।

 दोषियों के खिलाफ जांच के आधार पर कार्रवाई

                            जिला पंचायत सीईओ फरिहा आलम सिद्दीकी ने बताया कि के. के देवांगन सहायक आंतरिक लेखा परिक्षण एवम करारोपण अधिकारी जनपद पंचायत मस्तूरी को किया निलंबित कर दिया गया है। आवास निर्माण की राशि भुगतान में जानबूझकर लापरवाही की गयी है। निलंबित अधिकारी को जिला पंचायत में अटैच किया गया है। फरिहा ने बताया कि दोषी किसी भी व्यक्ति को नहीं छोड़ा जाएगा। निलंबित कर्मचारियों को अटैच के दौरान निर्वाह भत्ता दिया जाएगा।

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