आमरण अनशन पर कांग्रेस पार्षद शैलेन्द्र और अखिलेश..मेयर ने बताया जानकारी नहीं…आयुक्त ने कहा कन्फ्यजून

बिलासपुर—कांग्रेस पार्षदों की क्रमिक भूख हड़ताल अब आमरण अनशन तक पहुंच गयR है। दोपहर 12 बजे कांग्रेस के दो पार्षद विकास भवन में भूख हड़ताल पर बैठ गए हैं। 300 कर्मचारियों की नियमितिकरण को लेकर भूख हडताल पर बैठे कांग्रेस पार्षदों और सत्ता पक्ष या निगम कर्मचारियों के बीच बातचीत नहीं हुई है। हड़ताल पर बैठे कांग्रेस पार्षद दल प्रवक्ता ने बताया कि जब तक सफाई कर्मचारियों की मांग स्वीकार नहीं की जाती है। आमरण अनशन से नहीं उठेंगे।

                               रविवार को दोपहर कांग्रेस के दो पार्षद 300 से अधिक सफाई कर्मचारियों की नौकरी में नियमितकरण को लेकर क्रमिक हड़ताल के बाद भूख हड़ताल पर बैठ गए हैं। कांग्रेस नेताओं ने निगम प्रशासन और सरकार पर आरोप लगाया है कि सफाई कर्मचारियों से धोखा करते हुए एमआईसी बैठक में नियमितिकरण का प्रस्ताव नहीं लाया गया। जब तक 16 मार्च को त्रिपक्षीय बैठक में हुए समझौते को नहीं माना जाता है। तब तक भूख हडताल से नहीं उठने वाले हैं।

                 भूख हड़ताल पर बैठते समय कांग्रेस पार्षद दल प्रवक्ता शैलेन्द्र जायसवाल और अखिलेश वाजपेयी का कांग्रेस पार्षद नेता प्रतिपक्ष शेख नजरूद्दीन समेत सभी कांग्रेसियों ने फूल माला से स्वागत किया। शैलेन्द्र और अखिललेश वाजपेयी ने बताया कि 16 मार्च को सफाई कर्मचारी यूनियन,मेयर और आयुक्त के बीच बैठक हुई। बैठक के दौरान फैसला लिया गया कि 24 मार्च को होने वाली बैठक नियमितिकरण का प्रस्ताव लाया जाएगा। बावजूद इसके प्रस्ताव नहीं लाया गया।

                जानकारी मिलने के बाद कांग्रेस नेताओं ने विरोध किया। आयुक्त ने आश्वासन दिया कि 31 मार्च को एमआईसी की बैठक बुलायी जाएगी। सफाई कर्मचारियों की नियमितिकरण मांग को रखा जाएगा। लेकिन 31 मार्च को बैठक नहीं बुलाया गया। जिसके चलते कांग्रेस पार्षदों ने फैसला किया है कि जब तक सफाई कर्मचारियों की नियमितिकरण के प्रस्तवा को शामिल नहीं किया जाता है। भूख हड़ताल किया जाएगा।

बैठक 2 या तीन को बुलाई जाएगी

                     निगम आयुक्त सौमिल रंजन ने बताया कि कहीं कन्फ्यूजन हुआ है। 31 मार्च को बैठक का निर्णय ही नहीं लिया गया। 2 या तीन अप्रैल को बैठक की तारीख का एलान किया जाएगा। कांग्रेस और सफाई कर्मचारियों की मांग को शामिल किया जाएगा। हमने समझाने का प्रयास किया है। फिलहाल भूख हड़ताल पर बैठे दोनों पार्षदों की स्थिति पर निगम का ध्यान है। सफाई कर्मचारियों के मुद्दों को शामिल किया जाएगा।

आदेश के मिलने के बाद तोड़ेंगे हड़ताल

                   शैलेन्द्र और अखिलेश वाजपेयी ने कहा कि जब आदेश नहीं मिलेगा। आमरण अनशन पर रहेंगे। निगम मेयर और अधिकारियों से हर बार आश्वासन मिला है। आश्वासन के बाद धोखा हासिल हुआ है। जब तक आदेश की कापी नहीं मिलती है हम लोग भूख हड़ताल से नहीं हटेंगे।

कांग्रेस क्यों कूद रही बीच में

                मामले में निगम मेयर किशोर राय ने कहा कि  मामला कर्मचारियों और निगम प्रशासन के बीच का है। कांग्रेस बीच में क्यों टपक रही है..समझ से परे हैं। सफाई कर्मचारी रायपुर में मिल रहे है। शासन से उनकी बातचीत चल रही है। फिर कांग्रेस को तकलीफ क्यों हो रही है। मुझसे सफाई कर्मचारियों की मांग या भूख हड़ताल को लेकर किसी भी कांग्रेसी पार्षद से मुलाकात नहीं हई है। ना ही उन्होने कोई पत्र ही दिया है। जब सफाई कर्मचारी भूख हड़ताल पर नहीं है तो कांग्रेस को क्या जरूरत पड़ गयी है। फिलहाल शैलेन्द्र और अखिलेश भूख हड़ताल पर हैं। इस बात की जानकारी मुझे पत्रकारों से ही हुई है। देखते हैं कल क्या होता है।

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